न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद।
खंड शिक्षाधिकारी सुबोध पाठक ने सोमवार को सादाबाद क्षेत्र के कई विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्कूलों के कमरों में कबाड़ा भरा मिला। रंगाई पुताई की स्थिति भी काफी खराब मिली। कक्षा चार व पांच के बच्चे हिंदी, अंग्रेजी की किताब तक नहीं पढ़ सके। खंड शिक्षाधिकारी ने दो हेड मास्टरों का वेतन रोकने की संस्तुति बीएसए को निरीक्षण आख्या भेजकर की है।
खंड शिक्षाधिकारी को प्राथमिक विद्यालय गीगला का हाल सबसे अधिक खराब मिला। खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि इस स्कूल की प्रधानाध्यापक द्वारा तीन साल से विद्यालय की पुताई नहीं कराई गई। फर्श के गड्ढे नहीं भरवाए गए। शिक्षण कार्य की स्थिति इतनी खराब थी कि कक्षा चार, पांच के बच्चे अंग्रेजी और हिंदी की किताब तक नहीं पढ़ सके। मौके पर एमडीएम रजिस्टर मौजूद नहीं मिला।
ऑफिस को स्टोर रूम बनाकर रखा गया था। कुल पंजीकृत 207 बच्चों में से 77 बच्चे ही मौजूद मिले। प्राथमिक विद्यालय वासमोहन में अतिरिक्त कक्षों में कबाड़ा भरकर रखा गया था, जबकि इनमें क्लास का संचालन होना था। खंड शिक्षाधिकारी ने उक्त दोनों विद्यालयों के हेडमास्टरों का वेतन रोकने की संस्तुति की है। प्राथमिक विद्यालय नगला तासी में शिक्षामित्र गिरजेश बिना किसी सूचना के गैरहाजिर मिलीं। प्रधानाध्यापक ने उपस्थिति पंजिका में इनकी अनुपस्थिति भी नहीं लगाई।
विद्यालय की रंगाई पुताई नहीं कराई थी। 70 फीसदी बच्चों की पढ़ाई की दशा खराब थी। यहां 120 बच्चों में से सिर्फ 38 बच्चे ही मौजूद थे। जारऊ स्थित प्राथमिक विद्यालय की स्थिति भी अधिक अच्छी नहीं मिली। प्राथमिक विद्यालय वार्ड नंबर तीन की स्थिति ठीक थी, लेकिन यहां शौचालय जर्जर अवस्था में मिले। खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि स्कूलों का निरीक्षण लगातार किया जाएगा। शैक्षिक स्तर न सुधारने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।