न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इगलास (अलीगढ़)।
इगलास में नियुक्ति के बाद से ही लगातार विवादों में रहे एसडीएम रामसूरत पांडेय का तबादला हो गया है। हाल में बरामद सरकारी गेहूं, चावल को महज मंडी शमन शुल्क जमाकर छोड़ने के मामले में विधायक ठा. दलवीर सिंह ने डीएम से शिकायत की थी, जिसकी एडीएम प्रशासन जांच कर रहे हैं। विधायक इस मामले को मुख्यमंत्री तक ले जाने की कह चुके हैं।
इससे पहले भी इगलास तहसील में भ्रष्टाचार का वीडियो वायरल करने वाले स्वतंत्र कुमार नामक युवक को जेल भेजने को लेकर एसडीएम रामसूरत पांडेय विवादों में रहे हैं। अधिवक्ताओं ने उनके खिलाफ कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू कर दिया था। इस पर एसडीएम को बीच में ही स्वतंत्र कुमार को रिहा करने का आदेश जारी करना पड़ा। साथ ही आरोपी लेखपाल, कानूनगो पर कार्रवाई भी हुई। यह प्रकरण भी खूब सुर्खियों में रहा।
इससे पहले क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर जांच के दौरान एसडीएम की गाड़ी के चालक ने पेट्रोल पंप कर्मियों को भगा दिया था। यह बात वहां मौजूद एक पत्रकार ने एसडीएम से कही तो वह भड़क उठे थे और उस पत्रकार को ही काम में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए थाने में बिठा दिया था।
तहसील के अधिवक्ता अनिल कुमार व पूर्व जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह ने कहा कि रामसूरत पांडेय की कार्यशैली कभी निष्पक्ष नहीं रही। वह हमेशा भ्रष्टाचार को संरक्षण देते रहे। इससे शुरू से ही विवादों में रहे। हाल ही में इगलास कस्बे में जमीन के विवाद में सिविल कोर्ट से स्थगन आदेश होने के बावजूद पक्षकारों को धमकाने का भी उन पर आरोप लगा।
फिरोजाबाद के लिए रिलीव
एसडीएम रामसूरत पांडेय का तबादला फिरोजाबाद के लिए हुआ है। डीएम ने उन्हें रिलीव कर दिया है। चर्चा है कि विधायक दलवीर सिंह की शिकायत के साथ ही पहले के मामले भी शासन तक पहुंचे थे।