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खैर में विद्युत लाइनमैन की संदिग्ध परिस्थिति में मौत

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क्राइम डेस्क, अमर उजाला, खैर (अलीगढ़)।
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बुधवार की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे सीएचसी में इलाज के दौरान संविदा विद्युत लाइन मैन की मौत के बाद देर रात करीब 11 बजे तक जमकर हंगामा हुआ। पुलिस पर संविदा कर्मी को थाने में पीटने का आरोप लगाते हुए परिजनों एवं ग्रामीणों ने सड़क जाम करने की कोशिश की। शव को कब्जे में लेने की कोशिश के दौरान भीड़ ने हाथापाई शुरू कर दी। इंस्पेक्टर खैर को सड़क पर गिरा दिया। सीओ की वर्दी भी खींचतान में फट गई। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हंगामा करने वालों को खदेड़ा।

जानकारी के अनुसार गांव ऐंचना निवासी 38 वर्षीय संजय पुत्र नेकसाराम विद्युत विभाग में संविदा पर लाइनमैन थे। फिलहाल छह माह से उसे संविदा से हटा रखा गया था। मंगलवार की रात बरका निवासी एक कार चालक नरेंद्र से संजय का किसी बात पर झगड़ा हो गया था। दोनों में जमकर मारपीट हुई। नरेंद्र ने पुलिस को बीस हजार रुपये लूटने की सूचना दे दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा दोनों को कोतवाली ले गई। बुधवार की सुबह कुछ ग्रामीणों ने दोनों का सुलहनामा करा दिया। इस पर पुलिस ने हिदायत देकर दोनों को छोड़ दिया।
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परिजनों का आरोप है कि कोतवाली से जाने के बाद दोपहर से ही संजय के पेट में दर्द और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस पर उसके परिजन व सहयोगी कस्बे के एक प्राइवेट हास्पिटल ले गये थे। वहां उपचार के बाद उसे राहत मिली तो घर चला गया। शाम करीब 8 बजे दोबारा दर्द व सांस लेने में दिक्कत हुई। इस पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गये, जहां कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान मौत हो गई। सूचना पर गांव से परिजन व ग्रामीण पहुंच गए। वह आरोप लगाने लगे कि पुलिस ने रात में संजय को थाने में जमकर मारापीटा है जिसके कारण मौत हुई है। महिलाएं व पुरुष पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, हंगामा करने लगे।

मौके पर पहुंचे सीओ तेजवीर सिंह ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बात सुनने को तैयार नहीं हुई। इसी बीच वह शव को छीन कर ले गये और कोतवाली के सामने सड़क पर शव रख कर जाम लगा दिया। सूचना पर लोधा, पिसावा, टप्पल से इंस्पेक्टर व फोर्स पहुंच गई। सीओ ने फिर से जाम लगा रहे लोगों व महिलाओं को समझाने की कोशिश की तो महिलाओं ने पुलिस के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने भी बल प्रयोग किया तथा हंगामा कर रहे लोगों को खदेड़ दिया। शव को गाड़ी में डालकर अलीगढ़ भेज दिया।
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सीओ तेजवीर सिंह का कहना है कि पुलिस पर मारपीट करने का आरोप गलत है। सूचना पर रात पुलिस दोनों को लेकर आई थी। बुधवार को उन्हें समझौता होने पर छोड़ दिया था। संजय की मौत किस कारण से हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर साफ होगा। फिलहाल संजय के भाई पूरन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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