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आईजी हॉल से कैंपस में ई-रिक्शा से आएंगी छात्राएं

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आईजी हॉल से कैंपस में ई-रिक्शा से आएंगी छात्राएं
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ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।

अलीगढ़। सब कुछ ठीक रहा तो एएमयू के इंदिरा गांधी (आईजी) हॉल से कैंपस तक छात्राएं ई-रिक्शा से आएंगी। एएमयू के नवनिर्वाचित छात्र संघ के एजेंडे में छात्राओं की यह समस्या शीर्ष पर है। छात्र संघ के अधिकारी इसका ब्लू प्रिंट तैयार कर कुलपति के पास रखने वाले हैं।

शनिवार को छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का अधिष्ठापन समारोह संपन्न होने के बाद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सचिव सहित तमाम कैबिनेट सदस्य छात्रों की समस्याओं को मजबूती से कुलपति के पास रखने की तैयारी में हैं। छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने बताया कि आईजी हॉल कैंपस से दूर है और वहां से छात्राओं को आने में बेहद परेशानी होती है। रिक्शा से आने पर खर्च अधिक आता है। इसकी वजह से छात्राओं को अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्राएं ज्यादा परेशान होती हैं। उन्होंने कहा कि उन लोगों की योजना आईजी हॉल से कैंपस तक 20-25 ई-रिक्शा चलवाने की है। जल्द ही ब्लू प्रिंट तैयार कर कुलपति से मिलेंगे।
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अध्यक्ष उस्मानी ने कहा कि उन लोगों के एजेंडे में छात्र-छात्राओं से संबंधित बेसिक समस्याएं शीर्ष पर हैं और इंतजामिया पर दबाव बनाकर उसका समाधान कराएंगे। वर्षों पुराने पाठ्यक्रम को बदलवाकर अपडेट कराएंगे। इसके लिए गठित कमेटी में शिक्षकों के अतिरिक्त छात्रों एवं दूसरे विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट को शामिल करने की मांग करेंगे। दाखिले में पारदर्शिता लाने के लिए काम करेंगे, ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो। हास्टल एवं डायनिंग के साथ-साथ कैंपस में लाइटिंग एवं सुरक्षा की समस्याएं भी शीर्ष पर हैं। हेल्थ व हाइजिंग व अन्य एकेडमिक समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम की बदौलत छात्रों का भरोसा जीतना और उन्हें साथ लेकर चलना है।
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कई बार धोखा खा चुकी हैं छात्राएं
अलीगढ़। आईजी हॉल की छात्राओं के लिए कैंपस तक जाने के लिए परिवहन की व्यवस्था कोई नया मुद्दा नहीं है। पिछले कई वर्षों से छात्र संघ चुनाव के समय परिवहन व्यवस्था मुद्दा बनता है। छात्र संघ अध्यक्ष अब्दुल्ला अज्जाम के समय में तो नेताओं ने यूनियन के पैसे से बस चलाने का एलान किया था, लेकिन आज तक किसी ने वादा पूरा नहीं किया। अब देखना दिलचस्प होगा कि मशकूर अहमद उस्मानी की अध्यक्षता वाली यूनियन छात्राओं से किए गए वादे पूरा करती है या नहीं।
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