अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बढ़ी रहीं धड़कनें
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
जिला पंचायत बोर्ड बैठक में अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की काली छाया साफ नजर आई। विरोधी खेमे को मौका न देने की कोशिश में उपस्थित जिला पंचायत सदस्यों का उपस्थिति रजिस्टर ही गायब करा दिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने हालांकि बैठक में 28 जिला पंचायत सदस्य, दो एमएलसी, सांसद हाथरस का प्रतिनिधि, छह विधायक एवं 11 ब्लाक प्रमुख होने का दावा किया, लेकिन उपस्थिति रजिस्टर गायब होने से विरोधियों को मुद्दा मिल गया।
उन्होंने उपस्थित सदस्यों के हस्ताक्षर ही फर्जी ठहरा डाले। किसी भी जिला स्तरीय बैठक में उपस्थित अफसर, जन प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यों के नियमानुसार हस्ताक्षर कराए जाते हैं।
तभी उस बैठक का कोरम पूरा माना जाता है। शनिवार को पंत सभागार में हुई जिला पंचायत बोर्ड बैठक में भी उपस्थित सदस्य, ब्लाक प्रमुख एवं जन प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन ऐन मौके पर रजिस्टर गायब करा दिया गया।
बैठक के बाद जब उसके संबंध में जानकारी का प्रयास किया गया तो सभी यह मामला एक दूसरे पर टालते नजर आए। एएमए ने कहा कि प्रशासनिक अफसर बताएंगे। प्रशासनिक अफसर का जवाब तो और भी हैरान करने वाला था।
उन्होंने कहा कि विभाग का एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रजिस्टर लेकर गायब हो गया है। इधर जिला पंचायत अध्यक्ष उपेंद्र सिंह नीटू ने 28 सदस्य, दो एमएलसी, सांसद हाथरस का प्रतिनिधि, छह विधायक एवं 11 ब्लॉक प्रमुख होने का दावा तो किया, लेकिन सदस्यों के नाम याद न रहने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
इधर विरोधी खेमे के कुछ सदस्यों ने उपस्थिति रजिस्टर को गायब करने को साजिश बताया। उन्होंने दावा किया कि रजिस्टर पर सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी होने के कारण ऐसा किया गया।