कोल तहसील के लोधा में ग्राम समाज की 150 बीघा भूमि पर फर्जी प्रविष्टियों के आधार पर पट्टा कराने और कब्जा करने के मामले में 125 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। यह जमीन स्व: राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय के लिए चिन्हित की गई जमीन से सटी हुई जमीन है। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष गिरवर शर्मा की पत्नी कुसुम शर्मा भी मुकदमे में नामजद हुई हैं।
14 नवंबर 2019 को तत्कालीन एसडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने इस भूमि के फर्जी पट्टों को निरस्त किया था। इसके बाद कब्जाधारी कमिश्नर कोर्ट में चले गए। वहां से उनको हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बाद तहसील प्रशासन के लेखपाल सतीश चंद्र की ओर से लोधा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस पूरे खेल को 1976 में तत्कालीन लेखपाल प्रमोद जैन निवासी खिरनी गेट ने रचा था।
उसने जिल्द बंदोबस्त का रिकॉर्ड तक गायब कर दिया था। इस दोष के चलते उसको 1980 में बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। मुकदमे में नामजद लोगों में खलबली मच गई है। इस जमीन की कीमत प्रशासन ने 15 करोड़ रुपये आकी हैं। अब जमीन को फिर से ग्राम समाज के खाते में दर्ज कर दिया गया है।
इस प्रकार किया गया खेल
लेखपाल सतीश चंद्र के मुताबिक, खतौनी वर्ष 1382 लगायत 1387 के खाता खतौनी संख्या 395 पर तत्कालीन लेखपाल द्वारा 105 लोगों के नाम दर्ज कर दिए गए। खतौनी में दिनांक अंकित नहीं किया गया। साथ ही किसी अन्य अधिकारी द्वारा भी सत्यापित नहीं किया गया। ऊसर भूमि होने के चलते इन्हीं फर्जी प्रविष्टियों व आवंटन के आधार पर कई लोगों ने जमीन को अन्य लोगों को बेच दिया।
2019 को एसडीएम न्यायालय से धारा 38 (1) के तहत सभी पट्टों को खारिज कर दिया गया। मामले में तत्कालीन लेखपाल के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करवाई गई। पट्टे खारिज होने के बाद कुछ लोगों की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज करवा लिए। मौके पर कृषि व चारदीवारी कर जमीन पर कब्जा जमाए रखा।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
कुसुम शर्मा, वीरेंद्र सिंह, पीतमंबर सिंह, छोटे सिंह, राजकुमार, रामश्री देवी, देवी प्रसाद, लीलाधर, भूपसिंह, सुदीप नाहर, आदित्य अग्रवाल, बीना अग्रवाल, नगीना, साहब सिंह, मानसिंह, राजेंद्र सिंह, वंदना, मोहम्मद सुलेमान, जुगेंद्र, मदनपाल, विनोद कुमार, तेजवीर सिंह, सुनीता देवी, रमेश चंद, मोहन लाल, अशोक कुमार, विजय, अजय, संदीप, जुगेंद्र, रोहताश, कैलाश, रामवीर सिंह, कृष्णा देवी, महेंद्र सिंह, रामजी लाल, भरत सिंह, वीरपाल, अभय कुमार, प्रमोद कुमार, नानक चंद, श्याम सुंदर, चौखे लाल, रोशन सिंह, लाखन सिंह, पन्नालाल, रामप्रसाद, साहब सिंह, सुभाष, देवीप्रसाद, सोनपाल, मुरारी, रतन सिंह, प्रमोद कुमार, ख्याली राम, कारे, धर्मसिंह, रिंकू, सोनू, मोनू, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र कुमार, रघुराज, संजू कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, ब्रजपाल, रजुआ, राजकिशोर, बीरेंद्र कुमार, शीलेंद्र कुमार, अर्जुन सिंह, देवेंद्र सिंह, पवन कुमार, तेज सिंह, शंकर, कन्हैया लाल, बीरेंद्र सिंह, पप्पू, छोटे सिंह, सतीश चंद, महादेवी, राकेश कुमार, राजू, रवि कुमार, चंद्रवती, जयवीर, अभिराम अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल, राजन सिंह, नेम सिंह, जगदीश, सुरेंद्र कुमार, जुगेंद्र, मदनपाल, छोटे लाल, नेपाल, राजू, बाबूलाल, राम बहादुर, गजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, रघुराज सिंह, संजू कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, छोटे, नानक चंद, श्याम, चोखेलाल, सुनीता अग्रवाल, मृदुला गुप्ता, पीयूष अग्रवाल, उदयवीर सिंह, रमेश चंद, ओमप्रकाश, कालीचरन, रामजीलाल, भरत सिंह, विवा अग्रवाल, प्रियंका गर्ग, कमल गर्ग, राजेश्वरी सिंह, सुखराम, मदनगोपाल शर्मा, हरिओम उर्फ अमित शर्मा, प्रशांत कुमार शर्मा पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
- 1976 में लोधा में ग्राम समाज की जमीन पर फर्जी पट्टों के आधार पर लेखपाल द्वारा कब्जा दिलाया गया था। फर्जीवाड़ा पकड़े जाने के बाद लेखपाल को बर्खास्त भी किया गया था। अब इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ है।
- संजीव ओझा, प्रभारी एसडीएम, तहसील कोल