अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पांच शिक्षक सहित 15 लोगों की मौत शहर में हुई है। जांच न होने की वजह से यह पता नहीं चल पाया है कि इन शिक्षकों की मौतों का कोरोना से कोई संबंध है कि नहीं। इनकी मौत जेएन मेडिकल कॉलेज एवं शहर के अन्य प्राइवेट अस्पतालों में हुई है। दूसरी ओर जनपद में 204 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं। 87 लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए हैं। जनपद में सक्रिय मरीजों की संख्या 986 हो गई है।
एएमयू के जंतु विज्ञान एवं मनोविज्ञान के सेवानिवृत्त प्रोफेसर, उर्दू विभाग, धर्मशास्त्र विभाग एवं यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के प्रोफेसर की मृत्यु हुई है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त कोविड चिकित्सालय में पिछले 24 घंटे में आवास विकास कॉलोनी की 46 वर्षीय महिला, गुरूरामदास नगर की 71 वर्षीय महिला, दूबे की सराय की 50 वर्षीय महिला, 58 वर्षीय व्यक्ति, साकेत कॉलोनी सुरेंद्रनगर की 82 वर्षीय महिला एवं आवास विकास कॉलोनी सासनीगेट की 34 वर्षीय महिला की मौत हुई है।
जीटी रोड स्थित प्राइवेट अस्पताल में अतरौली की 65 वर्षीय महिला एवं आगरा रोड स्थित अस्पताल में एक व्यक्ति की मौत हुई है। वहीं जाहरवीर धाम कालोनी सासनी गेट निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति की जीटी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में मौत हुई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसमें कौन कोरोना के मरीज थे और कौन नहीं। जनपद में बुधवार को 204 लोग संक्रमित पाए गए हैं।
यहां मिले दो या उससे अधिक संक्रमित
सुरेंद्रनगर, कैथवारी, बरला, अकराबाद का बारा कलन, साई विहार आगरा रोड, न्यू अशोकनगर, कनवरीगंज, खेड़िया बहादुरगढ़ी, मेलरोज बाईपास, पिलखना, कुलदीप विहार, जीटी रोड, सदानी भवन मदारगेट, रघुवीरपुरी, गूलर रोड, प्रेमनगर कॉलोनी, गीतांजलि अपार्टमेंट आदि
ऑक्सीजन की कमी नहीं हुई दूर
शहर के कोविड-19 चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की भारी कमी चल रही है। चाहे सरकारी हो या प्राइवेट अस्पताल, ऑक्सीजन की चिंता सभी को है। कारखानों से सिलिंडर वापस लिए जाने के बावजूद ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति नहीं हो पा रही है। किसी के समझ में नहीं आ रहा है कि ऑक्सीजन जा कहां रही है? देर रात ऑक्सीजन नहीं होने के कारण एक प्राइवेट अस्पताल में हंगामा होने की सूचना है।
एएमयू के पूर्व शिक्षक की कानपुर में मौत
यूनिवर्सिटी पॉलिटेक्निक के पूर्व प्राचार्य प्रो. सैयद इकबाल अली की मौत कानपुर में होने की सूचना मिली है। कई साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद से वे कानपुर में ही रह रहे थे। एक साथ छह शिक्षकों की मौत की सूचना मिलने के बाद एएमयू में शोक की लहर व्याप्त हो गई।