बिहार के कटिहार जिले से दिल्ली को जाने वाली कामाख्या नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस से मंगलवार शाम को 15 नाबालिग बच्चों सहित 15 वयस्कों को पकड़ा गया। आरपीएफ, जीआरपी और चाइल्ड लाइन की टीम ने बचपन बचाओ आंदोलन की टीम की सूचना पर यह कार्रवाई की। पूछताछ में सामने आया कि अधिकांश बच्चे बिहार के पूर्णिया, कटिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से दिल्ली ले जाए जा रहे थे। बच्चों में से किसी को पढ़ाई तो किसी को दिल्ली घुमाने का लालच दिया गया था।
वाकया शाम करीब 6 बजे का है। आरपीएफ और जीआरपी को नार्थ-ईस्ट एक्सप्रेस में बिहार से मानव तस्कर गिरोह द्वारा कुछ बच्चों को दिल्ली ले जाए जाने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर पहले ट्रेन को टूंडला में रोका गया। वहां पर चार बच्चों को बरामद किया गया। इसके बाद अलीगढ़ में रोका गया।
यहां आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर और जीआरपी इंस्पेक्टर अब्दुल मुईज खान की टीम के साथ चाइल्ड लाइन की टीम ज्ञानेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची। टीम ने रेस्क्यू शुरू किया तो 15 बच्चों को बोगी संख्या डी-1, डी-2 एस-4, एस-7 और एस-8 से बरामद किया गया। साथ 15 वयस्कों को भी उतारा गया।
सभी को थाने लाकर पूछताछ की गई तो प्रथम दृष्टया सामने आया कि दिल्ली के किसी गिरोह ने अपने नेटवर्क के अन्य सदस्यों के माध्यम से बिहार, पश्चिम बंगाल के गरीब परिवार के बच्चों को पढ़ाई और दिल्ली घुमाने का लालच देकर बुलाया था। इन सभी बच्चों की टिकट भी अपने नेटवर्क के अन्य सदस्यों के माध्यम से बुक कराई गई। बच्चे भी अपने विषय में अधिक न बता सके। यहां तक कि उन सभी के पास मिले पहचान संबंधी दस्तावेज भी संदिग्ध थे। देर रात को सभी बच्चों का कोविड एंटीजन टेस्ट कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी गई।
आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर और जीआरपी इंस्पेक्टर अब्दुल मुईज खान ने बताया कि फिलहाल बच्चों और इनको ले जाने वालों से पूछताछ जारी है। बचपन बचाओ आंदोलन की टीम द्वारा मामले की में तहरीर देने की बात कही गई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
तीन दिन के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई, बच्चों को कहां ले जा रहा है गिरोह
अलीगढ़ जंक्शन पर तीन दिन के भीतर यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें भारी संख्या में बच्चों को पकड़ा गया है। इन बच्चों के विषय में आशंका है कि कोई बड़ा गिरोह इसके पीछे काम रहा है, जो बिहार, पश्चिम बंगाल के गरीब परिवारों के बच्चों को टारगेट करते हुए दिल्ली व अन्य राज्यों में बुला रहा है। आशंका है कि इन बच्चों से गलत काम कराने के साथ ही मानव तस्कर गिरोह इनको दूसरे देशों में भी सप्लाई कर रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले की जड़ें खंगालने के लिए आरपीएफ और जीआरपी की कई टीमें जुटी हुई हैं।