गंगा मैया की भक्ति में डूबी रही बृज देहरी
ब्यूरो, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस
पतित पावनी गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का दिन गंगा दशहरा के रूप में श्रद्धा के साथ मनाया गया। रविवार को जिलेभर में सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की धूम रही। गंगा मंदिरों में मां गंगा के मनोहारी शृंगार किए गए। पंचामृत और मौसमी फलों से भोग लगाकर प्रसाद वितरित किया गया। कहीं अखंड रामायण पाठ तो कहीं भजन-कीर्तन की धूम रही। धार्मिक आयोजनों का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। बृज की देहरी पर गंगा भक्ति का खुमार चढ़ा रहा।
बड़ी संख्या में गंगा स्नान के लिए गए भक्त, डुबकी लगा लगाए जयकारे
पर्व पर स्नान के महात्म्य को देखते हुए बड़ी संख्या में भक्त गंगा स्नान को भी गए। शहर के कोने-कोने से भक्तों की टोलियां शनिवार देर रात ही राजघाट, रामघाट, अनूपशहर, नरौरा, कलकत्ती, कर्णवास, सोरों और कछला के अलावा हरिद्वार, गढ़ मुक्तेश्वर आदि गंगाघाटों के लिए रवाना होना शुरू हो गई थीं। नजदीकी गंगाघाटों को जाने वाले भक्त रविवार की सुबह ही बसों और निजी साधनों से गंगा स्नान के लिए गए। यहां गंगा स्नान कर श्रद्धालुओें ने माता गंगा की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना की और गंगा मैया के जयकारे लगाते हुए स्नान किया।
बस व ट्रेनों में रही भीड़
अलीगढ़ और सिकंदराराऊ रोड की तरफ से आने वाली बसों और कासगंज की तरफ से आने वाली ट्रेनों में भी गंगा भक्तों की भीड़ रही। गंगा मैया के जयघोष करते लौट रहे भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। रोडवेज ने भी इस दिन सबसे अधिक बसें गंगाघाटों के लिए ही दौड़ाईं।
प्याऊ लगाईं, प्रसाद वितरण किया
जगह-जगह शर्बत और ठंडे पानी की प्याऊ लगाई गईं। भक्ति संगीत की गूंज के बीच राहगीरों को रोक-रोककर शर्बत और पानी पिलाया गया। कहीं पूड़ी सब्जी तो कहीं फलों का प्रसाद बांटा गया।
नहर में भी लगाई आस्था की डुबकी
जो भक्त गंगा स्नान को नहीं जा सके, उन्होंने यहां परंपरागत ढंग से अलीगढ़ रोड नहर पर आस्था की डुबकी लगाई। नहर पर अल सुबह से लेकर रविवार की शाम तक स्नानार्थियों की जबर्दस्त भीड़ रही। काफी दूर तक सिर ही सिर नजर आ रहे थे। नहर के पानी में जलक्रीड़ा करते बच्चे और युवाओं का शोर पूरी फिजां में गूंज रहा था।
मौसमी फलों की जबर्दस्त बिक्री
दशहरा पर मौसमी फल भी खूब बिके। खरबूज, तरबूज, खीरा, ककड़ी, आम और बेल की जबर्दस्त बिक्री हुई। नहर के पास सड़क किनारे लगे फड़ों पर यह फल देखते ही देखते साफ हो गए। मुंहमांगी कीमतों पर लोगों ने इन्हें खरीदकर इनका स्वाद लिया।
सबसे ज्यादा बिकी जलेबी
दशहरा पर सबसे ज्यादा जलेबी की बिक्री हुई। शहर के सभी हलवाइयों के यहां सुबह से ही खासतौर पर जलेबी तैयार हो रही थी। हर कोई आधा किलो से एक किलो तक की पैकिंग करा रहा था। दिन भर जलेबी की बिक्री हुई।
मंदिरों पर रहा भक्तों का मेला
शहर के दिल्ली वाला मोहल्ला, गुड़िहाई बाजार, बैनीगंज, चिंताहरण महादेव, मोती बाजार स्थित गंगा मंदिर और अन्य गंगा मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ रही। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।
जमकर हुई पतंगबाजी, खूब लड़ाए पेच
दशहरा पर सबसे ज्यादा क्रेज पतंगबाजी का रहा। सुबह से ही घरों की छतों पर पतंगबाजी का सिलसिला शुरू हो गया। युवाओं और बच्चों के शोर से पूरा वातावरण गूंज रहा था। सुबह से शाम तक पतंगबाजी में जमकर पेच लड़ाए। पतंग की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ लगी रही। मुंहमांगी कीमत पर लोगों ने पतंग और मांझा खरीदा। शाम ढलने तक आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से पटा रहा।