110 करोड़ का मेडिकल कॉलेज क्यों छोड़ा..?
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
छेरत में 110 करोड़ रुपये की लागत से बने राजकीय होम्योपैथिक हास्पिटल एवं मेडिकल कॉलेज की इमारत को लेकर अब तक कोई लोकार्पण कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। अधिकारियों ने इस भवन को कार्यक्रम में शामिल नहीं किया है। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा भी मानते हैं इस प्रोजेक्ट को सीएम के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है।
आधिकारिक रूप से इसकी कोई ठोस वजह तो नहीं बताई जा रही, लेकिन ये माना है कि मायावती शासन में बना ये अस्पताल सिर्फ राजनीतिक कारणों से चालू नहीं हो पा रहा है। बसपा के बाद सत्ता के पांच साल के कार्यकाल में भी ये अस्पताल हाशिये पर रहा। अब भाजपा सरकार सत्ता में है तो भी इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
हकीकत यह है कि इस अस्पताल में मात्र मेडिकल स्टाफ की तैनाती होनी है। स्टाफ तैनात होते ही आसपास के हजारों लोगों को तो लाभ होगा ही, साथ ही सैकड़ों बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ऐसी परिस्थिति में जब मंडल में एक भी होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज नहीं है और प्रदेश में भी खुर्जा समेत चंद जिलों में ही इस देश की इस प्राचीनतम चिकित्सा पद्घति से संबंधित कॉलेज है। इस अस्पताल को राजनीतिक कारणों की भेंट चढ़ाना किसी भी सूरत में न्याय संगत नजर नहीं आता।
दफ्तर से सड़क तक साफ सफाई
अलीगढ़। सीएम के आने से पहले हरेक दफ्तर में साफ सफाई का अभियान। गांवों से बुलाए गए मनरेगा और निजी मजदूरी का काम करने वाले कारीगर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पांच जून के दौरे को लेकर जबरदस्त तैयारियां। क्वार्सी चौराहे से क्वार्सी थाना तक सड़क पर डाली गई परत। हाट मिक्स प्लांट से हो रहा काम। शहर की दूसरी सड़कों को गड्ढामुक्त करने, डिवाइडर रंगने और साफ सफाई के काम जारी। नगरनिगम का एटूजेड प्लांट, कमिश्नरी, सर्किट हाउस, कलेक्ट्रेट, तीनों जिला अस्पताल को चमकाया जा रहा है। इसके साथ ही कृष्णांजलि में सीएम के संवाद की तैयारियां तेजी के साथ पूरी की जा रही हैं।
पीएम के वादे को पूरा कराएंगे सीएम
अलीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीती 6 फरवरी को विधानसभा चुनाव 2012 की जनसभा में अलीगढ़ में कूड़ा गंदगी की समस्या को दूर करने की बात कही थी। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाएंगे सीएम योगी। इसलिए पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस और अपने जन्मदिन के मौके पर सीएम एटूजेड प्लांट में कूड़ा पृथककरण योजना की शुरुआत करेंगे। जिसमें सूखा और गीला कू ड़ा अलग-अलग करने का अभियान पूरे प्रदेश में शुरू होगा। अलीगढ़ से इस अभियान की शुरुआत होगी।
तहसील कोल देंगे आईएसओ का प्रमाण पत्र
अलीगढ़। मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर तहसील कोल को चमकाना शुरू हो गया है। वर्तमान में पूरे जिले में तहसील कोल की साफ सफाई और व्यवस्थाएं सबसे बेहतर हैं। इस तहसील को आईएसओ प्रमाण पत्र दिलवाने की तैयारी हो रही है। एसडीएम डा. पंकज वर्मा की देखरेख में ये काम हो रहा है। एसडीएम कोल ने स्वीकार किया कि प्रशासन के स्तर पर आईएसओ प्रमाणपत्र के लिए तहसील कोल का नाम प्रस्तावित किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय से यह प्रमाणपत्र स्वीकृत भी हो गया है। दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री कृष्णांजलि सभागार में तहसील को यह प्रमाणपत्र देंगे। संभवत: यहीं का दौरा भी करेंगे। बताते चलें कि तहसील कोल को दिल्ली की तहसीलों की तर्ज पर क्लीन, ग्रीन एवं भव्य बनाया गया है। प्रदेश में अपने आप में यह अनूठी तहसील है।