न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नगर निगम की सीमा में शामिल हुए 19 गांवों में अब न केवल सफाई व्यवस्था पटरी पर आएगी, बल्कि यहां विकास कार्यों को भी पंख लगेंगे।
प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग ने नगर निगम को पत्र जारी कर इन ग्राम पंचायतों को नगर निगम के वार्डों की तरह ट्रीट करने एवं सफाई से लेकर अन्य विकास कार्य कराने के निर्देश जारी कर दिये हैं। यह भी ताकीद दी है कि प्रधानों को नगर निगम की बैठकों में पार्षदों की भांति बुलाया जाय। हालांकि प्रधानों के कैडर के मामले में फिलहाल चुप्पी साध ली है।
करीब एक डेढ साल पहले हुए नगर निगम सीमा विस्तार में कोल तहसील के 19 गांव नगर निगम के दायरे में आ गए थे। इसकी कागजी कार्रवाई अभी चल रही है। लेकिन नगर निगम की सीमा में आने के बाद से इन ग्रामों की स्थिति बहुत विकट हो गई।
ग्राम्य विकास विभाग ने यह कहकर सफाई से लेकर अन्य विकास कार्यों से पल्ला झाड़ रखा था कि नगर निगम की सीमा में हैं तो इन गांवों में नगर निगम ही सफाई आदि काम कराएगा। नगर निगम प्रपत्र व शासनादेश जारी न होने का हवाला देकर अपने दायित्वों से जी चुरा रहा था।
इस मामले में कई बार आवाज उठाने के बाद सोमवार को बरौला जाफराबाद, धनीपुर, क्वारसी, जलालपुर, कस्बा कोल, रामगढ़ पंजीपुर, सारसौल एवं ऐलमपुर के प्रधान एवं ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर दुखड़ा रोया। उनका कहना था कि नगर निगम एवं ग्राम्य विकास विभाग की बेरुखी से न तो सफाई हो रही है और न विकास कार्य।
ऐसे में हम जनता को कैसे मुंह दिखाएं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तत्काल प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग मनोज सिन्हा से बात की। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव ने सभी 19 ग्राम पंचायतों के नगर निगम में समायोजित होने की जानकारी दी है।
साथ ही नगर निगम को इन पंचायतों को वार्ड के नाम से जाने जाने और नगर निगम द्वारा अन्य वार्डों की भांति विकास कार्य एवं सफाई आदि कराने के निर्देश दिये हैं। उन्हाेंने बताया कि इन पंचायतों के प्रधानों को नगर निगम की बोर्ड बैठकों में भी भाग लेने की अनुमति दी गई है। हालांकि वहां उनका कैडर क्या होगा, इस बारे में खुलासा नहीं हुआ है।