न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
प्रदेश सरकार के सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल ने भाजपा नेताओं के गांवों में रात्रि प्रवास को नौटंकी बताने वाले सपा मुखिया अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूरज हैं और अखिलेश समेत बेवजह की कीचड़ उछालने वाले विपक्षी फ्यूज बल्ब। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अखिलेश को राजनीति विरासत में मिली है। वह आम जनता का दर्द नहीं जानते। भाजपा ध्येय की राजनीति करती है। धंधे की राजनीति नहीं।
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल गुरुवार को पीडब्लूडी निरीक्षण भवन मेें पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों से नहरों में पानी नहीं था। अच्छी व्यवस्था के लिए योगी सरकार ने चार लंबित परियोजनाओं मध्य गंगा नहर परियोजना, सरयू नहर परियोजना, बाढ़ सागर परियोजना एवं केन-बेतवा परियोजनाओं के लिए धन आवंटित किया है। बिजनौर, मुरादाबाद एवं संभल को जोड़ने वाली मध्य गंगा नहर परियोजना 20 सालों से लंबित पड़ी थी। इसकी फंडिंग नाबार्ड से करायी गई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों फैजाबाद, बस्ती, महाराजगंज, देवरिया आदि को जोड़ने वाली 25 सालों से लंबित सरयू नहर परियोजना में हर समय पानी से लबालब रहने वाली सरयू एवं राप्ती नदी को छोटी नदियों से जोड़े जाने की योजना है। बाढ़ सागर परियोजना से मिर्जापुर, इलाहाबाद एवं सोनभद्र को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के समय से लंबित केन बेतवा समझौता भी जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी की अगुवाई में हो गया है। इस परियोजना में 22 फीसदी पानी उत्तर प्रदेश को और शेष मध्य प्रदेश को मिलेगा। इस समझौते के बाद बुंदेलखंड का किसान पलायन नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि संरक्षण के अभाव में विलुप्त हो रही आठ नदियां चिन्हित की गई हैं। इनमें गोमती, तमसा, मनोरमा, आमी, सई, वरुणा, अटिल व सोत नदी प्रमुख हैं। इन नदियों की खुदाई मनरेगा एवं आम जनता के सहयोग से कराई जाएगी। इसके लिए सभी जिम्मेदार विभागों को पांच पांच किलोमीटर में खुदाई की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके बाद सभी नदियों में सालभर पानी रहेगा।
जल प्रबंधन के लिए होगा जल पंचायतों का गठन
सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री धर्मपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पानी की कमी नहीं, बल्कि जलप्रबंधन ठीक नहीं है। इसके लिए जल पंचायतों का गठन किया जाएगा। इसमें तीन समितियां रजवाहा, कुलावा एवं अलीपिका समिति बनेंगी। इन समितियों के मतदाता किसान होंगे। डीएम एवं एसएसपी को मतदाता सूची बनाए जाने के आदेश कर दिये गए हैं। गुप्त मतदान से होने वाले चुनाव के बाद चुने गए अध्यक्ष एवं सचिव की देखरेख में जल संरक्षण का काम होगा। सिंचाई भूमियों पर अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
ड्रोन कैमरों की निगरानी में होगी नहरों की खुदाई
जनपद में नहरों की खुदाई, सफाई एवं पानी भरने का काम ड्रोन कैमरों की निगरानी में होगा। सिंचाई समेत अन्य विभागों के अफसरों की बैठक में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री ने इसके आदेश कर दिए हैं। उन्हाेंने कहा कि नहर की खुदाई एवं सिल्ट सफाई से पहले ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफ लिये जाएं और सफाई एवं पानी भरने के बाद भी इसके फोटोग्राफ कराये जाएं। यह काम 15 मई तक अवश्य पूर्ण हो जाना चाहिए।
जिले के सभी सरकारी एवं निजी तालाबों को 15 मई तक भरवाना सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा की दशा में संबंधित अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तो होगी ही, साथ ही इन मदों में जिले को दिया गया बजट वापस ले लिया जाएगा। सिंचाई अफसर कार्य योजना बनाकर काम करें। प्रधानमंत्री की ड्रिप परियोजना का दायरा बढ़ाएं। उन्होेंने अफसरों को अपने दफ्तर में हर रोज बैठने की हिदायत भी दी। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता की समस्याएं उनकी निगाह में रहेंगी।