न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एक सांसद एवं सात विधायक देने वाले अलीगढ़ के निवासी योगी सरकार के बजट में हाथ मलते रह गए। स्मार्ट सिटी मिशन योजना के अंतर्गत अलीगढ़ सहित 10 शहरों के लिए एक हजार 650 करोड़ रुपये की व्यवस्था जरूर प्रस्तावित है। लेकिन राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की उम्मीद लगाए बैठे युवाओं को भारी निराशा हाथ लगी है।
एक जिला एक उत्पाद योजना के अंतर्गत यहा़ं के लॉक एवं हार्डवेयर को चयनित किया गया है। उम्मीद थी कि बजट में सरकार इसका ध्यान रखेगी। लेकिन उद्यमियों को घोर निराशा हाथ लगी है। इस योजना के लिए 250 करोड़ के बजट को उद्यमी अपर्याप्त मान रहे हैं।
प्रदेश के पांच जनपदों के जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज के रूप में पूर्ण करने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था है। लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसका लाभ अलीगढ़ को मिलेगा या नहीं। राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर छात्र वर्षों से यहां मुहिम चला रहे हैं।
बजट में इसका प्रावधान नहीं होने से उनका सपना चकनाचूर हो गया है। छात्र नेता अर्जुन भोलू सिंह का कहना है कि 21 फरवरी को कलक्ट्रेट पर पांच हजार छात्रों के साथ प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार पश्चिम से वोट लेकर पूर्वांचल का विकास करना चाहती है।
एक्सपर्ट कमेंट
बजट 2018-19 में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। किसानों, युवाओं, महिलाओं, ऊर्जा तथा प्रदेश की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया है। सामाजिक ढांचे के विकास के लिए बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के लिए 68263.20 करोड़ रुपये है। इस बार शिक्षा पर अधिक बजट रखा गया है। चिकित्सा, स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, आयुष हेतु 21197.58 करोड़ रुपये का प्रावधान है जो कि पिछले बजट से 17.3 प्रतिशत अधिक है। बजट प्रस्तावों में राजकोषीय घाटा 44 हजार 53 करोड़ 32 लाख रुपये और अंतिम शेष एक हजार 284 करोड़ 23 लाख का अनुमान है। बजट में सभी क्षेत्रों मेट्रो रेल, सड़कों, ग्रामीण व नगरीय विकास के लिए प्रावधान है। इन योजनाओं से प्रदेश की कितनी तरक्की होगी, इसके लिए हमें इंतजार करना होगा।
- डॉ. तनु वार्ष्णेय, अर्थशास्त्री, एसवी कॉलेज
प्रदेश सरकार का अब तक सबसे बड़ा बजट है। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय का बजट है। 15 वर्षों से विकास की पटरी से उतरे प्रदेश को पटरी पर वापस लाकर देश का सर्वोत्तम प्रदेश बनाने वाला बजट है। यह बजट किसी एक का नहीं बल्कि गांव, गरीब, किसान, उद्यमी, महिला, युवा एवं बेरोजगारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
- संजीव राजा, नगर विधायक
उत्तर प्रदेश सरकार का बजट 2019 लोकसभा चुनाव का रोड मैप दिखाई देता है। इसमें अल्पसंख्यक वेलफेयर, दिव्यांग पेंशन स्कीम, शवदाह गृह, स्मार्ट सिटी, पौष्टिक आहार, कुंभ मेला, प्रधानमंत्री सड़क योजना आदि के लिए प्रावधान है।
- विजय कुमार, सीए
मुख्यमंत्री योगी ने अलीगढ़ को बजट में कुछ नहीं दिया। किसी भी स्तर पर यह जनता के हित में नहीं है। यहां विश्वविद्यालय की आवश्यकता है।
- कुंवर गौरांग देव चौहान, युवा कांग्रेस नेता
आज के बजट में पश्चिम के छात्रों के साथ अनदेखी की गई है। छात्रों के हित में यह बजट नहीं है।
- यशवीर चौधरी, छात्र नेता
यूपी के बजट पर सबकी नजरें टिकी हुई थी। बजट में शिक्षा, महिलाओं और किसानों पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की गई है, जो संतोषजनक है।
- दीबा नियाजी, शोध छात्र
बजट में एक जनपद एक उत्पाद के लिए 250 करोड़ की धनराशि नियत की गई है। इससे ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को लाभ हो सकता है। लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों के लिए कोई उत्साहवर्द्धक योजना नजर नहीं आई।
- सुनील दत्ता, महामंत्री तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन
बजट में ताला उद्योग का ध्यान नहीं रखा गया है। लघु उद्योग आज इतने बड़े बजट में भी कुछ न मिलने पर निराश है।
- अनुराग गुप्ता, युवा व्यापारी नेता
हार्डवेयर एवं ताला उद्योग को किसानों की तर्ज पर ब्याज के रेट, बिजली के रेट एवं लोन प्रक्रिया होनी चाहिए, जो नहीं हुई। एक जिला एक उत्पाद के लिए 250 करोड़ का बजट अपर्याप्त है।
- चंद्रशेखर शर्मा, चेयरमैन तालानगरी औद्योगिक एसोसिएशन
भाजपा सरकार की बजट संतुलित है। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के बदले बेसिक चीजों पर ध्यान दिया गया है। इसका फायदा आने वाले समय में मिलने की उम्मीद है।
- सौरभ बालजीवन, उद्यमी
प्रदेश सरकार का बजट जनविरोधी और हवा हवाई है। गरीबों, दलितों व अन्य किसी वर्ग के लिए कुछ खास नहीं है। बजट में अलीगढ़ के लिए भी कुछ नहीं है, जबकि यहां के भाजपा नेता बड़े-बड़े दावे करते हैं।
-तिलकराज यादव, जिलाध्यक्ष बसपा
प्रदेश सरकार का यह बजट मात्र चुनावी भाषण है। जिस तरह से घोषणाएं की गई हैं, वह सभी तो पूर्व में ही तय हो चुकी हैं। चाहे वह भर्तियां हों या फिर अन्य मुद्दे। आलू किसानों के लिए कोई बोनस आवंटन नहीं किया गया है।
-चौ.बिजेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
योगी सरकार का बजट यहां के युवाओं, किसानों, उद्यमियों के ख्बाबों पर कुठाराघात है। आलू किसानों को कोई सहूलियत नहीं दी गई है। राज्य विवि की स्थापना की उम्मीद लगाए विद्यार्थियों के हाथ खाली रह गए। 2019 के लोकसभा में जनता इसका जवाब देगी।
-अशोक यादव, जिलाध्यक्ष सपा