क्राइम डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
दिल्ली की ट्यूटर के फेसबुक और व्हाट्सएप के जरिये संपर्क में आने के बाद उसे यहां बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म के आरोपी बीयर फैक्ट्री कर्मी की जमानत खारिज कर दी गई है। जमानत याचिका एडीजे-6 संजय सिंह प्रथम के न्यायालय से खारिज की गई है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी महाराज सिंह के अनुसार दिल्ली की शादीशुदा युवती दिल्ली सहित आसपास के कई शहरों में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ाती थी। उन दिनों उसके अपने पति से रिश्ते बेहतर नहीं थे।
इसी बीच वह किसी तरह यहां बीयर फैक्ट्री में काम करने वाले सिंधौली गांधीपार्क निवासी आशीष उपाध्याय के संपर्क में फेसबुक व व्हाट्सएप के जरिये आ गई।
पहले वह यहां 10 जुलाई 2017 को मिलने के बहाने बुलाई गई और उसे आशीष ने अपने साथी सचिन के घर पर ले जाकर नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर बेहोश कर दिया।
इसके बाद उसके साथ रेप करते हुए वीडियो बना लिया। फिर धमकी दी गई कि अगर किसी को बताया तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा और पति व अन्य परिजनों को मार दिया जाएगा।
इसके बाद युवती के पति से रिश्ते मधुर हो गए तो उसने आशीष से दूरी बना ली। बाद में उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 6 नवंबर को फिर बुलाया और एटा चुंगी पर आते ही उसके साथ छेड़खानी की गई। इस पर शोर मचने पर पब्लिक ने आरोपियों को दबोच लिया।
दोनों पर गैंगरेप व छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया गया। बाद में अदालत में युवती ने सिर्फ आशीष के खिलाफ रेप के बयान दर्ज कराए। सचिन पर छेड़खानी व साजिश का आरोप लगाया। इस मामले में आशीष की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे खारिज कर दिया गया है।
खुर्रमपुर हत्याकांड में दोनों पक्षों की जमानत खारिज
प्रभारी सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से खुर्रमपुर के चर्चित हत्याकांड सहित विभिन्न आरोपों में जमानत अर्जियां खारिज की गई हैं। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी डॉ. अबसार किदवई के अनुसार विजयगढ़ के गांव खुर्रमपुर टायलेट विवाद में 4 नवंबर को दो समुदायों में हुई भिड़ंत में हसीन की मौत हो गई थी और लियाकत छोटे आदि जख्मी हुए थे।
इस मामले में दूसरी ओर से रामवीर शर्मा की मौत हुई थी। हसीन की हत्या के मुकदमे में आकाश उर्फ गुड्डू, अजय शर्मा, विकास, शिवम व ओमप्रकाश को नामजद किया गया था। इन सभी की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया है।
वहीं शमशेर उर्फ भोलू निवासी खुर्रमपुर विजयगढ़ पर रामवीर शर्मा पक्ष पर हमला व रामवीर की हत्या का आरोप था। इसी अदालत ने शमशेर की जमानत खारिज कर दी है। इधर, इगलास के कैमावली निवासी विनोद कुमार पर 15 जनवरी 2017 को गांव के ही चंद्रवीर की हत्या का आरोप था। अदालत ने विनोद की जमानत खारिज की है।
इधर, नरेश निवासी भमोरी दादों पर गांव में 20 मार्च 2014 को फायरिंग कर व्यक्ति को घायल करने का आरोप था, जिसकी जमानत खारिज की गई है। इधर, दहेज उत्पीड़न व हमले के आरोपी हनीफ व फईम निवासी किसरौली अड्डा कासगंज की जमानत अर्जी खारिज की गई है।