पौराणिक कथाओं से होता है अच्छे संस्कार का विकास : अतुल
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
सूबे के खाद्य व रसद नागरिक आपूर्ति, किराया नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण, बांट माप, खाद्य सुरक्षा राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने कहा कि पौराणिक कथाओं से अच्छे संस्कार का विकास होता है।
वह शनिवार को डीएस बाल मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की रजत जयंती समारोह में बोल रहे थे। समारोह का शुभारंभ उन्होंने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे स्तर की न केवल शिक्षा ही दे रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओें में भारत के गौरवशाली इतिहास और पौराणिक कथाओं से अच्छे संस्कार भी प्रदान कर रहा है। कहा, भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत जिओ और जीने दो, त्याग, परोपकार व देशभक्ति के भाव भी छात्र-छात्राओं के लिए अनुकरणीय हैं। इसी विद्यालय की एक नन्ही सी छात्रा अपनी शिक्षा और आत्मबल से नासा जैसे अंतर्राष्ट्रीय संस्थान में कार्य कर रही है, यह विद्यालय के साथ-साथ जनपद व देश के लिए गौरव की बात है।
इससे पहले उन्होंने डीएस डिग्री कॉलेज के आरबी भवन में स्थापित विद्यालय के संस्थापक राय लाला बद्री प्रसाद अग्रवाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। धर्म समाज सोसाइटी के अध्यक्ष कुंवर बहादुर अग्रवाल ने भगवान श्रीकृष्ण की एक मनोहारी प्रतिमा उन्हें भेंट की। प्रतिमा की सुंदरता देखकर राज्यमंत्री ने प्रतिमा के निर्माण आदि के विषय में जिज्ञासा प्रकट की तो उन्हें बताया गया कि यह प्रतिमा अलीगढ़ में ही निर्मित है और अलीगढ़ पीतल सहित अन्य धातुओं की प्रतिमा निर्माण के कारोबार में विशिष्ट स्थान रखता है।
कुंवर बहादुर अग्रवाल व राजीव अग्रवाल अनु ने बताया कि सरकार यदि प्रोत्साहित करे तो यह धातु उद्योग, ताला उद्योग व हार्डवेयर उद्योग के साथ-साथ हजारों लोगों को रोजगार दे सकता है। राज्यमंत्री ने राजीव कुमार अग्रवाल से अनुरोध किया कि वह इस व्यवसाय के बारे में पूरी जानकारी का ब्योरा तैयार कर प्रस्तुत करें, ताकि शासन से इस पर महत्वपूर्ण निर्णय कराया जा सके। इसके बाद उन्होंने डीएस कॉलेज के बैंकुंठी देवी पुस्तकालय का भी मुआयना किया।
इस अवसर पर शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, डॉ. राजीव अग्रवाल, डीएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. ओपी बंसल, प्रॉक्टर डॉ. पीके शर्मा, प्रबंध समिति के डॉ. एके सिंघल, धर्म समाज बाल मंदिर की प्रधानाचार्या दीप्ति गोविल, रचना गुप्ता आदि मौजूद रहीं।