200 रुपये के लिए हत्या में उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
दो सौ रुपये के लिए हत्या करने के मुकदमे में आरोपियों को एडीजे-10 अजय कृष्ण के न्यायालय से आजीवन सजा व दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर सजा छह-छह माह और बढ़ जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुहेल उस्मानी व हर्ष वर्द्धन सिंह के अनुसार पालीमकीमपुर के गांव सालारपुर निवासी बुंदली पुत्र मुंशी खां ने 30 अक्तूबर 2005 को दी तहरीर में कहा था कि 29 की रात 12 बजे के करीब उसका भाई बंटी परिवार के साथ घर पर सोया हुआ था।
तभी तीन लोग आए और उसका नाम लेकर गाली गलौज करते हुए 200 रुपये की मांग करने लगे। विरोध करने पर गाली लौज करने वालों ने उसके ऊपर तमंचे से फायर कर दिया। फायरिंग की आवाज सुनकर वह और अन्य लोग मौके पर आए तो आरोपी भाग गए। गोली लगने से उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया।
आनन-फानन उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में गांव के ही लक्ष्मण पुत्र देवीराम, छोटा ठाकुर उर्फ विनय पुत्र हरी सिंह व महेंद्र पुत्र गोकुल सिंह को मुकदमे के आधार पर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
अदालत में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर सत्र परीक्षण के दौरान आरोपियों को दोषी पाया गया और उम्रकैद व दस-दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया गया है।