गन्ना भुगतान में फर्जीवाड़े की जांच को एक और कमेटी बनी
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
आनंद एग्रोकेम चीनी मिल गोपी लधुआ के गन्ना किसानों के बकाया भुगतान में हुए फर्जीवाड़े की जांच के लिए नये सिरे एक और नई कमेटी गठित हो गई है। बीती 2 जून को तत्कालीन प्रदेश के गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने मुख्य सचिव के आदेशों को दरकिनार करते हुए एक नई जांच कमेटी बनाने का आदेश दे दिया। जिसमें उप गन्ना आयुक्त सहारनपुर की अध्यक्षता में सहारनपुर के जिला गन्ना अधिकारी, सहकारी गन्ना समिति विकास समिति के सचिव को शामिल किया गया है। अब इस कमेटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। यही नहीं इस कमेटी को ये निर्देश भी दिया गया है कि वह शिकायतकर्ता के साथ ही तथ्यों की जांच पड़ताल करते हुए मिल प्रबंधन की भी पूरी बात सुने।
दरअसल, इस मामले में फर्जी भुगतान की शिकायत जनहित मानव अधिकार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद पांडेय ने 12 जून 2016 को प्रदेश के तत्कालीन गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी से की थी। जिसमें कहा गया था कि मिल प्रबंधन द्वारा जिन अभिलेखों के जरिए किसानों को सवा दो करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया है उसमें से अधिकांश फर्जी हैं किसानों को पैसा मिला ही नहीं है। गन्ना आयुक्त ने इसकी जांच के मेरठ के उप गन्ना आयुक्त हरपाल सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी बना कर जांच कराई। जांच में शिकायत सही मिली और आगे की कार्रवाई के लिए कहा गया, लेकिन आगे कार्रवाई नहीं हुई तो विनोद पांडेय ने मुख्य सचिव से आरटीआई के माध्यम से सवाल किया कि उक्त प्रकरण में क्या कार्रवाई हुई। मुख्य सचिव की ओर से विशेष सचिव ने कार्रवाई करने के लिए गन्ना आयुक्त को फिर से लिखा तो उन्होंने मुख्य सचिव के आदेशों को दरकिनार करते हुए नए सिरे से कमेटी बना दी और इसी दौरान उनका रिटायरमेंट हो गया। कुल मिला कर मामला जांच के मकड़जाल में उलझा है और अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।