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Aligarh: जिले के 140 गांव और 60 मोहल्ले मच्छरों के सर्वाधिक प्रकोप में, फागिंग की स्थिति कमजोर

Mon, 08 Apr 2024 04:11 AM IST
चमन शर्मा अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

कहने को तो नगर निगम ने फॉगिंग अभियान शुरू कर दिया है। लेकिन फॉगिंग कहां हो रही है, इसका पता नहीं। बात अगर देहात क्षेत्र की करें तो वहां अभी अभियान शुरू करने का इंतजार है। ये हालात तो तब हैं जब पहली अप्रैल से शुरू हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान का पहला सप्ताह बीत गया है। वो दिन दूर नहीं, जब बहुत जल्द मच्छर जनित रोग पांव पसारने लगेंगे।
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मच्छर - फोटो : iStock
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विस्तार
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अपने अलीगढ़ जिले में शहर के 60 मोहल्ले और देहात क्षेत्र के 140 गांव डेंगू और मलेरिया के लिए अति संवेदनशील घोषित हैं। इन इलाकों में मच्छरों का सर्वाधिक प्रकोप है। स्वास्थ्य विभाग के स्तर से इनकी सूची नगर निगम, जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजकर यहां जलजमाव खत्म कराने से लेकर साफ-सफाई ऑर फॉगिंग की सिफारिश कर दी है। एक अप्रैल से संचारी रोगों के खिलाफ अभियान भी शुरू हो गया है। मगर मच्छरों का आतंक जारी है और पहली साप्ताहिक रिपोर्ट में अपने जिले की हालत बेहद पतली है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि अभी तो शुरुआत है। आने वाले समय में मच्छरों से कैसे लड़ा जाएगा।

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कहने को तो नगर निगम ने फॉगिंग अभियान शुरू कर दिया है। लेकिन फॉगिंग कहां हो रही है, इसका पता नहीं। बात अगर देहात क्षेत्र की करें तो वहां अभी अभियान शुरू करने का इंतजार है। ये हालात तो तब हैं जब पहली अप्रैल से शुरू हुए संचारी रोग नियंत्रण अभियान का पहला सप्ताह बीत गया है। वो दिन दूर नहीं, जब बहुत जल्द मच्छर जनित रोग पांव पसारने लगेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 140 गांव और 60 मोहल्ले पिछले वर्ष के हालात, इन इलाकों में गंदगी और जलजमाव को लेकर संवेदनशील घोषित किए हैं। 

शासन के नियम के अनुसार, गांवों में प्रधान के द्वारा और शहरी क्षेत्र में नगर निगम के द्वारा सफाई व एंटी लार्वा दवा छिडक़ाव किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग की सिफारिश के बाद नगर क्षेत्र में तैयारी के नाम पर फॉगिंग कराई जा रही है। इसकी सूचना हर दिन स्वास्थ्य विभाग को और नगर निगम अधिकारियों को दी जा रही है। मगर कहां फॉगिंग हो रही है, यह कुछ दिख नहीं रहा। इसकी कहीं कोई मॉनीटरिंग की व्यवस्था नहीं है, जबकि शहरी क्षेत्र में मच्छर लगातार प्रहार कर रहे हैं। हालात रात के ही नहीं, दिन में भी खुले में बैठने योग्य नहीं रह रहे। कमोबेश यही हालात देहात में हो रहे हैं।

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संचारी रोग नियंत्रण पर जारी हुई रिपोर्ट

प्रदेश सरकार के निर्देश पर एक अप्रैल से सभी विभागों ने संयुक्त रूप से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोगों के प्रति जागरूकता, नगर क्षेत्रों में निकायों द्वारा साफ सफाई व फागिंग, देहात में पंचायत द्वारा साफ सफाई व फागिंग कराई जा रही है। मगर उसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। पहले सप्ताह में ही साफ सफाई व फागिंग की रिपोर्ट दयनीय है। प्रदेश के 75 जिलों की इस रिपोर्ट में अलीगढ़ को देहात में व नगर क्षेत्र में बेहद कमजोर माना गया है। बस एक स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच का कॉलम ऐसा है, जिसमें अपना जिला अच्छी स्थिति में है। ऐसे में सवाल हो रहा है कि आने वाले समय में क्या होगा।

15 करोड़ तक है मच्छर मारने वाली दवाओं का कारोबार
अलीगढ़ मच्छरों के प्रकोप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 45 लाख की आबादी वाले जिले में मच्छरों को मारने वाली कीटनाशी दवाओं और उत्पादों का सालाना कारोबार 15 करोड़ रुपये तक अनुमानित है। मक्खी मच्छर नाले और अलीगढ़ के ताले..। आपने ये कहावत अलीगढ़ शहर में कई बार सुनी होगी। मच्छरों के प्रकोप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 45 लाख की आबादी वाले जिले में मच्छरों को मारने वाली कीटनाशी दवाओं और उत्पादों का सालाना कारोबार 15 करोड़ रुपये तक है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम व देहात में ग्राम्य विकास विभाग पर मच्छर मारने की जिम्मेदारी है। मगर मच्छर जनित रोगों से लोग परेशान हैं। 

जिले में तकरीबन सात लाख परिवार हैं, जिसमें लगभग चार लाख परिवार इन उत्पादों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इस कारोबार के जानकारों की मानें तो अगर एक परिवार एक महीने में केवल 50 रुपये भी मच्छर मारने में खर्च करता है तो पूरे जिले में डेढ़ करोड़ रुपये का कारोबार होता है। अगर दस महीने की ये रकम जोड़ दें तो 15 करोड़ तक पहुंचती है, क्योंकि दस महीने तक इन दवाओं की सबसे ज्यादा मांग होती है। इसके अलावा नगर निगम और ग्राम्य विकास विभाग भी हर साल मच्छरों को मारने में लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। बावजूद इसके मच्छर न मर रहे और न गायब हो रहे हैं।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान जारी है। पहले सप्ताह की रिपोर्ट में जिले की साफ सफाई को लेकर प्रगति अच्छी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाके वार रिपोर्ट दे दी है। जागरूकता का काम जारी है।-डा.राहुल कुलश्रेष्ठ, डीएमओ
शहर में नगर निगम द्वारा लगातार फागिंग की जा रही है। एंटी लार्वा दवा छिडक़ी जा रही है। सभी आठ स्वच्छता वार्डों में दो दो मशीनों कुल सोलह मीशनों से व साठ बैगपैक स्प्रे मशीनों से छिड़काव कराया जाता है। जहां शिकायत मिलती है। वहां टीम भेजी जाती है।-राकेश यादव, अपर नगर आयुक्त।
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