प्रदेश सरकार के निर्देश पर एक अप्रैल से सभी विभागों ने संयुक्त रूप से संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोगों के प्रति जागरूकता, नगर क्षेत्रों में निकायों द्वारा साफ सफाई व फागिंग, देहात में पंचायत द्वारा साफ सफाई व फागिंग कराई जा रही है। मगर उसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली है। पहले सप्ताह में ही साफ सफाई व फागिंग की रिपोर्ट दयनीय है। प्रदेश के 75 जिलों की इस रिपोर्ट में अलीगढ़ को देहात में व नगर क्षेत्र में बेहद कमजोर माना गया है। बस एक स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच का कॉलम ऐसा है, जिसमें अपना जिला अच्छी स्थिति में है। ऐसे में सवाल हो रहा है कि आने वाले समय में क्या होगा।
15 करोड़ तक है मच्छर मारने वाली दवाओं का कारोबार
अलीगढ़ मच्छरों के प्रकोप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 45 लाख की आबादी वाले जिले में मच्छरों को मारने वाली कीटनाशी दवाओं और उत्पादों का सालाना कारोबार 15 करोड़ रुपये तक अनुमानित है। मक्खी मच्छर नाले और अलीगढ़ के ताले..। आपने ये कहावत अलीगढ़ शहर में कई बार सुनी होगी। मच्छरों के प्रकोप का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 45 लाख की आबादी वाले जिले में मच्छरों को मारने वाली कीटनाशी दवाओं और उत्पादों का सालाना कारोबार 15 करोड़ रुपये तक है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम व देहात में ग्राम्य विकास विभाग पर मच्छर मारने की जिम्मेदारी है। मगर मच्छर जनित रोगों से लोग परेशान हैं।
जिले में तकरीबन सात लाख परिवार हैं, जिसमें लगभग चार लाख परिवार इन उत्पादों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इस कारोबार के जानकारों की मानें तो अगर एक परिवार एक महीने में केवल 50 रुपये भी मच्छर मारने में खर्च करता है तो पूरे जिले में डेढ़ करोड़ रुपये का कारोबार होता है। अगर दस महीने की ये रकम जोड़ दें तो 15 करोड़ तक पहुंचती है, क्योंकि दस महीने तक इन दवाओं की सबसे ज्यादा मांग होती है। इसके अलावा नगर निगम और ग्राम्य विकास विभाग भी हर साल मच्छरों को मारने में लाखों रुपये खर्च कर देते हैं। बावजूद इसके मच्छर न मर रहे और न गायब हो रहे हैं।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान जारी है। पहले सप्ताह की रिपोर्ट में जिले की साफ सफाई को लेकर प्रगति अच्छी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने इलाके वार रिपोर्ट दे दी है। जागरूकता का काम जारी है।-डा.राहुल कुलश्रेष्ठ, डीएमओ
शहर में नगर निगम द्वारा लगातार फागिंग की जा रही है। एंटी लार्वा दवा छिडक़ी जा रही है। सभी आठ स्वच्छता वार्डों में दो दो मशीनों कुल सोलह मीशनों से व साठ बैगपैक स्प्रे मशीनों से छिड़काव कराया जाता है। जहां शिकायत मिलती है। वहां टीम भेजी जाती है।-राकेश यादव, अपर नगर आयुक्त।