संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) और अमर उजाला अपराजिता के बैनरतले बुधवार को आरटीओ दफ्तर में मिशन शक्ति के तहत महिलाओं के लिए विशेष शिविर लगाया गया। जिसमें कुल 135 महिलाओं ने ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन किए। यहां आईं महिलाओं ने इस शिविर की सराहना की। क्योंकि सभी तरह की जिज्ञासाओं का समाधान तो किया ही गया। साथ ही आवेदन करने के लिए चार ऑपरेटर बैठाए गए। यहां हाथों हाथ फीस कटवाकर सभी महिलाओं को स्लॉट दिलवाया गया।
यहां आरटीओ केडी सिंह गौर, आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन, एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह, एआरटीओ प्रवर्तन अमिताभ चतुर्वेदी, संभागीय निरीक्षक विपिन कुमार चौधरी ने महिलाओं तथा युवतियों को यातायात नियमों के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। लाइसेंस के आवेदन संबंधी जानकारी और प्रैक्टिस टेस्ट के लिए एप्स भी आवेदिकाओं के मोबाइल में डाउनलोड कराया गया।
इन एप्स की सहायता से सभी महिलाएं तथा युवतियां लर्निंग लाइसेंस टेस्ट का अभ्यास करके ऑनलाइन टेस्ट देंगी। जिसके उत्तीर्ण होने पर लर्निंग लाइसेंस जारी होगा। यहां सभी को यह भी बताया गया कि लर्निंग लाइसेंस का मतलब गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं होता है। बल्कि किसी स्थायी लाइसेंस धारी के निर्देशन मेें वाहन चलाने की अनुमति मिलेगी।
लर्निंग लाइसेंस के बाद तय अवधि में स्थायी लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। इस आवेदन के बाद सभी महिलाओं को भौतिक रूप से वाहन चलाकर दिखाना होगा। इसके बाद ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी होंगे। इस शिविर में 5 युवतियों ने बिना गियर वाली मोटरसाइकिल व 130 महिलाओं और युवतियों ने गियर वाली मोटरसाइकिल सहित हल्के चार पहिया वाहन चलाने के डीएल के लिए आवेदन किया है।
लाइसेंस बनवाने के लिए एकसाथ आईं कई मां-बेटी
शिविर में कई मां-बेटी लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंची थीं। जब इनसे बातचीत की तो उन्होंने बताया कि घर में दो पहिया वाहन हैं। जरूरत पड़ने पर वाहन से सभी काम करते हैं। चूंकि लाइसेंस होना जरूरी है। इसीलिए मां-बेटी साथ-साथ लाइसेंस बनवाने के लिए आए हैं।
- दो पहिया व चार पहिया वाहन चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन किया है। शिविर से काफी सहूलियत मिली है।
-आयुषी अग्रवाल, सेंटर प्वाइंट
-पारिवारिक रेस्टोरेंट के संबंध में स्कूटी चलाने की आवश्यकता रहती है। इसीलिए आवेदन करने आई हूं।
-शशि दजेवी, नगला मौलवी
-महिलाओं के लिए आयोजित इस विशेष शिविर से काफी लाभ मिला है। महिलाओं के लिए ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिएं।
-उमा दीक्षित
- अपनी मां अर्चना वार्ष्णेय के साथ मैं भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आई हूं। आवेदन करने की सहूलियत इस शिविर में मिली है। जल्द ही हमें लाइसेंस मिल जाएगा तो हम सड़कों पर वाहन चला सकेंगे।
-सोनाली वार्ष्णेय, तमोली पाड़ा
- मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस शिविर में युवतियों के साथ कई महिलाओं ने भी आवेदन किए हैं। आवेदन करने वाली महिलाएं शिविर से काफी खुश रही हैं। क्योंकि यहां सभी महिलाओं को वरीयता देकर उनके आवेदन कराए गए हैं। -पूनम कुमारी, कनिष्ठ लिपिक आरटीओ