क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य व अन्य कर्मचारियों को मारपीट के मुकदमे में सत्र न्यायालय से भी राहत नहीं मिली है। इनके खिलाफ निचली अदालत में दायर मुकदमे (परिवाद याचिका) पर हुए तलबी आदेश के खिलाफ दायर रिवीजन याचिका खारिज कर दी गई है।
इस मुकदमे में एसवी कॉलेज के पूर्व प्राचार्य अरुण कुमार दीक्षित, सहायक लेखाकार रजत गुप्ता, लिपिक शिवचरन लाल आरोपी हैं और तीनों की ओर से खुद के खिलाफ दायर मुकदमे में तलबी आदेश के खिलाफ की ओर से दी गई थी।
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-3 ने सुशील कुमार बनाम अरुण कुमार दीक्षित आदि के मामले में 17 अगस्त 2016 को अरुण कुमार दीक्षित, रजत गुप्ता, शिवचरनलाल को धारा 323, 427 के अपराध में विचार करने के लिए तलब करने का आदेश पारित किया था।
इसके विरुद्ध तीनों की ओर से सत्र न्यायाधीश नवीन कुमार श्रीवास्तव के यहां याचिका दायर की गई थी, जिसे खारिज कर दिया गया। सुशील के मुताबिक, 22 जुलाई 2014 को सुबह 11 बजे की घटना है।
वह एसवी कॉलेज में संस्कृत विभाग में कार्यरत डॉ. अजित कुमार जैन के निर्देशन में संस्कृत विषय से शोध कार्य कर रहे थे। अपने मित्र के प्रवेश के संबंध में प्र्रवेश फार्म लेने महाविद्यालय गया था, तो वहां से पहले खड़े प्राचार्य डॉ. एके दीक्षित ने बुला लिया और चेक देने का बहाना कर परिवादी को अंदर कक्ष में ले गए।
कमरे में बंद कर दिया। वहां से पहले बैठे रजत गुप्ता, शिवचरनलाल ने उनसे मारपीट की थी। इसी मामले में उन्होंने अदालत में मुकदमे के लिए याचिका दायर की थी।