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क्वार्सी को छोड़ अन्य अड्डों से नहीं हुआ बसों का संचालन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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प्रशासन ने प्राइवेट बसों के संचालन का आपरेटरों को फरमान तो जारी कर दिया, लेकिन अभी तक प्राइवेट बस अड्डों पर जमीन समतल करने का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में बसों खेरेश्वर एवं याकूतपुर स्थित नए छर्रा अड्डा से संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। क्वार्सी पैंठ वाले स्थान पर जगह समतल होने के चलते यहां से प्राइवेट बसों का संचालन शुरु हो गया है।

गत मंगलवार को मडराक में दुर्घटना होने के बाद प्रशासन ने प्राइवेट बस अड्डों का संचालन शहर से बाहर करने का साहसिक निर्णय लिया। प्रशासन से सख्त लहजे में बस आपरेटरों से कहा कि वह अपनी बसों का संचालन शहर के बाहरी हिस्सों से करें या फिर बसों को खड़ा कर दें। बस आपरेटरों ने प्रशासन की इस सख्ती को हल्के में लिया।
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इसकी भनक जब डीएम को लगी तो उन्होंने बस आपरेटर यूनियन के अध्यक्ष सुधीश सिंह समेत अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत र्कई धाराओं में बन्नादेवी थाने में एआरटीओ प्रवर्तन अभिताभ चतुर्वेदी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज करा दी।

इससे पूर्व गुरुवार की रात को प्रशासन ने छर्रा अड्डा समेत अन्य स्थानों ने 18 बसों का चालान काट उन्हें बन्ना देवी थाने में खड़ा करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद बस आपरेटरों में भय व्याप्त हो गया। उन्होंने अपनी गाड़ियों को शहर के बाहर खड़ा कर दिया और प्रशासन के अगले आदेश का इंतजार करने लगे। सोमवार की रात को प्रशासन ने आदेश दिया कि मंगलवार से नए प्राइवेट बस अड्डों से बसों का संचालन होगा।

मंगलवार को ‘अमर उजाला’ ने खेरेश्वर स्थित बस अड्डा, याकूतपुर स्थित नया छर्रा अड्डा तथा क्वार्सी पर बने प्राइवेट बस स्टैंड से बसों के संचालन की पड़ताल की। इस दौरान क्वार्सी स्थित नए अड्डे से तो बसों का संचालन होता मिला, लेकिन खेरेश्वर एवं याकूतपुर स्थित नए छर्रा अड्डा से बसों का संचालन होता नहीं मिला।

खेरेश्वर एवं याकूतपुर स्थित नए छर्रा अड्डा पर अभी तक जमीन समतल करने एवं पानी के लिए बोरिंग का काम चल रहा है। प्रशासन ने यहां प्राइवेट बस अड्डे के नाम से यहां बोर्ड भी लगा दिया है।

यहां काम कर रहे नगर निगम के लोगों ने बताया कि अभी बस अड्डे की जमीन को समतल एवं ठोस करने में एक सप्ताह का समय लग जाएगा। इस तरह देखा जाए तो यहां सभी तरह की यात्री सुविधा उपलब्ध कराने में करीब 15 से 20 दिन का समय लगना तय है।

डग्गेमारी का दंश झेल रहे आपरेटर बस बेचने की बना रहे योजना
जलालपुर से आगे बने खैर अड्डे से प्रशासन की रोक के बावजूद प्राइवेट बसों का संचालन हो रहा है। मंगलवार को यहां से बस चालक परिचालकों ने सवारियों को बिठाया और अड्डे पर उतारा। दुकानदारों ने बताया कि यहां से बसों का संचालन लगातार जारी है। इधर, बस आपरेटर का कहना है कि यह उनकी खुद की जमीन है और डीएम के आदेश के बाद ही खैर अड्डा से बसों का संचालन हो रहा है। खैर अड्डे के नाम से कठपुला से भी बसें चलती थी, लेकिन डीएम के निर्देश पर उन्हें बंद कर खैर अड्डे से संचालित किया जा रहा है।

अलीगढ़-जेवर बस आपरेटर एसोसिएशन के महाप्रबंधक मोहनदत्त शर्मा ने बताया कि डग्गेमार वाहनों के कारण उनका पूरा व्यापार चौपट हो गया है। यही कारण है कि वह अपनी गाड़ियों को बेचने की सोच रहे हैं। यदि प्रशासन के कठपुला से डग्गेमारी कर रहे टेंपो एवं मैजिकों को बंद कराए तो वह प्रशासन द्वारा निर्धारित नए बस स्टैंड से बसों का संचालन करेंगे। अन्यथा की स्थिति में अपनी बसों को बेचकर अड्डा बंद कर देंगे।

अलीगढ़-संभल पर लगभग खाली दौड़ी रोडवेज की बसें
क्वार्सी स्थित नए प्राइवेट बस स्टैंड से अलीगढ़, डिबाई, रामघाट, नरौरा, गुन्नौर, बबराला, बहजोई संभल के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होने पर रोडवेज अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। हालांकि मंगलवार को इस मार्ग पर रोडवेज की गाड़ियां चली, लेकिन किराए में अंतर होने के कारण वह खाली दौड़ती ही दिखाई दी।

याकूतपुर के स्थान पर बताएं अब नया छर्रा अड्डा
छर्रा अड्डा के धनीपुर मंडी के याकूतपुर पहुंचने पर स्थानीय लोगों में काफी खुशी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब याकूतपुर के स्थान पर वह अपने रिश्तेदारों को नया छर्रा अड्डा बताएंगे। ताकि उनके रिश्तेदार आसानी से उनके घर पहुंच सके। अभी तक याकूतपुर बताने में रिश्तेदारों में भ्रम की स्थिति रहती थी। छर्रा अड्डे पर बस से उतरने के बाद उन्हें टेंपो चालकों द्वारा भी परेशान किया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इसके साथ ही लोगों का कहना है कि बस अड्डा यहां बनेगा तो रोनक के साथ ही विकास भी होगा। आसपास के क्षेत्र का विकास होगा। स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

अभी तक किसी रिश्तेदार को गांव का नाम बताते थे, उन्हें पहुंचने में दिक्कत होती थी, लेकिन अब सीधे नया छर्रा अड्डे पर उतरने के बाद रिश्तेदार घर पहुंच जाएंगे।
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- सत्येंद्र निवासी याकूतपुर

वर्तमान में बस तो सड़क से मिल जाती थी, लेकिन अब नया बस अड्डा बन जाएगा तो मुख्य रोड पर नहीं जाना पड़ेगा। गांव से निकलते ही बस में बैठकर वह अपनी यात्रा शुरू कर सकते हैं।
- पप्पू सिंह निवासी याकूतपुर
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