न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नेशनल मेडिकल कमीशन के विरोध में 28 जुलाई (आज) को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर शहर में निजी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। इसके चलते सरकारी अस्पतालों पर मरीजों का बोझ और बढ़ सकता है। सीएमओ डॉ. एमएल अग्रवाल ने स्थिति को देखते हुए सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
आईएमए के अध्यक्ष डॉ. अवधेश भारद्वाज और डॉ. प्रदीप बंसल ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक हड़ताल रहेगी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी। साथ ही सांसद सतीश गौतम को इस संबंध में ज्ञापन भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार बिल लाकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का गठन करने जा रही है। लेकिन ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन इस बिल के पक्ष में नहीं है। इससे राज्य चिकित्सा का नेतृत्व पूरी तरह हाशिये पर आ जायेगा। गरीबों मरीजों का नुकसान होगा।
उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक बताया। इस बिल के खिलाफ हड़ताल पर रहकर शनिवार को धिक्कार दिवस मनाएंगे। आईएमए अध्यक्ष डॉ अवधेश भारद्वाज ने बताया कि इसके लिए यूपी सचिव डा. राजेश सिंह ने पत्र भेजा है। एनएमसी बिल में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी की प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों के लिए एक साल का ब्रिज कोर्स तैयार करने का प्रस्ताव है।
कोर्स पूरा करने के बाद वह मॉडर्न मेडिसिन की भी प्रैक्टिस कर सकते हैं। इस प्रस्ताव का एलोपैथी डॉक्टर विरोध कर रहे हैं। 6 महीने का ब्रिज कोर्स करने के बाद देश के आयुर्वेद और यूनानी डॉक्टर भी एमबीबीएस डॉक्टरों की तरह अंग्रेजी दवाएं लिख सकेंगे।
डॉ जयंत आईएमए के यूपी सचिव बने
आईएमए ने अलीगढ़ के बेला मार्ग स्थित जीवन हास्पिटल के स्वामी डॉ जयंत शर्मा को यूपी सचिव मनोनीत किया है। शुक्रवार को अलीगढ़ के चिकित्सकों ने प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।