लगातार दूसरे दिन बारिश के चलते गुरुवार को पूरे शहर का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। महफूज नगर में मकान ढह गया। गोविंद नगर में नाले की पटरी कट गई जिससे पूरे इलाके में पानी भर गया और लोगों ने घरों की छत पर शरण ली। जवाहर भवन परिसर में लगा एक पेड़ जड़ से उखड़ गया जिससे महापौर कार्यालय की दीवार ढह गई। तस्वीर महल पर भी पेड़ गिर गया। लगातार बारिश के चलते करीब करीब पूरा शहर ही जलमग्न हो गया।
लगातार हुई बारिश से महफूज नगर में सलीम के मकान का एक हिस्सा ढह गया। बारिश का पानी लोगों के घरों, दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भर गया। बारिश के चलते सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों की संख्या न के बराबर रही। शिक्षा, दीवानी परिसर, डीआईओएस कार्यालय आदि स्थानों पर पानी भर गया। कुछ स्कूलों ने गुरुवार को अपने यहां पर अवकाश घोषित कर दिया। जिन स्कूलों में अवकाश नहीं था उनमें छुट्टी के समय बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे।
जवाहर भवन परिसर में एक बड़ा पेड़ जड़ से उखड़ गया। पेड़ उखड़ कर दीवार पर गिर गया जिससे दीवार भी ढह गई। गोविंद नगर में नाले की पटरी कट गई। यहां पर लोगों ने स्वयं ही कट्टों में बालू भर कर नाले के कटान को रोकने का प्रयास किया। बारिश के चलते नगला कलार, इंदिरा नगर, खैर रोड, गूलर रोड, सराय मियां, चरखवालान, एडीए शाहजमाल, भुजपुरा, नगला आशिक अली, सुपर कालोनी, सराय लवरिया, नगला मसानी, शिवपुरी, अशोक नगर, सराय हकीम, ढपरा रोड, लक्ष्मी पुरी, घुड़ियाबाग, भमोला, बदरबाग, हमदर्द नगर, कबीर कॉलोनी, सर सैय्यद नगर, जीवन गढ़, नौरंगाबाद, डोरी नगर, नगला पला, नौरंगाबाद छावनी, गंभीरपुरा, महेंद्र नगर, बैंक कालोनी, चंदनिया, घनश्याम पुरी, नगला तिकौना, कुलदीप विहार, बेगमबाग, ब्राह्मन पुरी, मकदूम नगर, सेंटर प्वाइंट, समद रोड, हाथरस अड्डा, गूलर रोड, मित्र नगर, तुर्कमान गेट, छर्रा अड्डा, पान दरीबा रोड, मैरिस रोड, दुर्गा बाड़ी, बैकुंठ नगर गुरुद्वारा रोड, गोंडा रोड, नीवरी आदि इलाकों में पानी भर गया। यहां पर घरों, दुकानों में पान प्रवेश कर गया। देर रात तक सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई थी।
पहली ही बारिश में टपका गांधी पार्क बस स्टैंड
करोड़ों रुपये कीमत से बना गांधी पार्क बस स्टैंड पहली ही बारिश में टपकने लगा। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण गांधी पार्क बस स्टैंड के पिछले द्वार पर जलभराव हो गया है। गुरुवार को सफाईकर्मी ने इसे कई बार साफ किया, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने उसे परेशान कर दिया। फर्श पर जलभराव होने के कारण कई यात्री फिसल कर चुटैल भी हो गए। पीपीटी मॉडल के तहत गांधी पार्क बस स्टैंड का करोड़ों रुपये कीमत से निर्माण हुआ। कई साल तक चले निर्माण के कारण यात्रियों एवं निगम के कर्मचारियों को परेशानी हुई, लेकिन उन्होंने बिल्डिंग निर्माण के बाद होने वाली सुविधा की सोचकर सब कुछ सह लिया। बुधवार एवं गुरुवार को हुई बारिश के कारण गांधी पार्क बस स्टैंड की नवनिर्मित बिल्डिंग टपकने लगी है। पहली ही बारिश में गांधी पार्क बस स्टैंड की बिल्डिंग के टपकने के कारण इसके निर्माण में घोटाले की आशंका भी बलवती हो रही है।