न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में कथित रूप से शामिल होने वाले शोध छात्र मन्नान बशीर वानी का एएमयू कैंपस में रिकॉर्ड शानदार रहा है। यहां उसके किसी भी संदिग्ध या देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के सबूत नहीं मिले हैं। एएमयू के इंटर्नल जांच रिपोर्ट में यही दर्शाया गया है।
मन्नान बशीर वानी के व्यवहार एवं गतिविधियों की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन एएमयू प्रशासन द्वारा किया गया था।
हादी हसन हॉल के प्रोवोस्ट प्रो. एसएच आरिफ व एनआरएससी हॉल के प्रोवोस्ट प्रो. कमलेश चंद्रा द्वारा जांच की गई थी। इसमें मन्नान के राष्ट्र विरोधी या संदिग्ध गतिविधियों में पाए जाने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
यूनिवर्सिटी के उच्च पदस्थ सूत्रों पर भरोसा करें तो कैंपस में मन्नान का रिकार्ड शानदार है। प्रॉक्टर द्वारा गठित एक अन्य कमेटी ने भी मन्नान को बेदाग माना गया है।
पिछले वर्ष मन्नान वानी पर कैंपस में आपत्तिजनक पोस्टर बांटने के आरोप लगे थे। दोनों जांच कमेटी को भी इसके सबूत नहीं मिले हैं। यूनिवर्सिटी का कोई भी अधिकारी इस संबंध में कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मीडिया में मन्नान वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर आने के बाद यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने हबीब हॉल में छापेमारी कर मन्नान के कमरे से उसके सामान बरामद किए थे। मूलरूप से कश्मीर निवासी मन्नान 2 जनवरी तक हॉल में रहा था। उसके बाद से वह लापता है।