जल निगम ने नगला मसानी, महेंद्र नगर कालीदह, भुजपुरा और मथुरा रोड पर नलकूप बनवाए थे। इसके बाद मार्च 2024 को नगर निगम के जलकल विभाग को हस्तांतरित कर दिया था। नलकूप संचालन के लिए कर्मचारी रखे गए थे, जिन्हें जल निगम ने फरवरी 2024 तक वेतन दिया था।
दिवाली पर नगर निगम के स्थायी कर्मचारी से लेकर अफसर तक दिवाली मनाएंगे, लेकिन 13 नलकूप कर्मचारियों की दिवाली कैसे मनेंगी, क्योंकि उनके हाथ खाली हैं। पिछले सात महीने से उन्हें वेतन नहीं मिल पाया है। महापौर से लेकर नगर आयुक्त तक वेतन को लेकर कर्मचारी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ उनसे आश्वासन ही मिला है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों का परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
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जल निगम ने नगला मसानी, महेंद्र नगर कालीदह, भुजपुरा और मथुरा रोड पर नलकूप बनवाए थे। इसके बाद मार्च 2024 को नगर निगम के जलकल विभाग को हस्तांतरित कर दिया था। नलकूप संचालन के लिए कर्मचारी रखे गए थे, जिन्हें जल निगम ने फरवरी 2024 तक वेतन दिया था। नलकूप जल कल विभाग को हस्तांतरित होने के बाद उसे नलकूप कर्मचारियों को वेतन देने की जिम्मेदारी थी, मगर ऐसा हो नहीं पाया।
नलकूप कर्मचारी विष्णु कुमार, डाल चंद्र, जितेंद्र कुमार सारस्वत, भगवान सिंह, मानिक चंद्र, ओम प्रकाश, बिट्टू, जितेंद्र कुमार जैन, बबलू खान, शाहरुख, हनीफ, मुमताज अहमद, सूरज को सात महीने से वेतन नहीं मिल पाया है। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन के अभाव में वह और उनके बच्चे दिवाली कैसे मनाएंगे। नगर निगम के अफसर वादा तो करते हैं, लेकिन निभाते नहीं हैं। इस संबंध में जलकल के अवर अभियंता नरेंद्र कुमार ने बताया कि कागजी कार्रवाई चल रही है। कर्मचारियों को दिवाली से पहले वेतन मिल जाएगा।