जहरीली शराब बनाने के लिए मिथाइल अल्कोहल की सप्लाई करने वाले विजेंद्र कपूर की तालानगरी फैक्टरी वरदान इंक एंड सोल्वेंट फर्म से जब्त किए गए केमिकल में से 12600 लीटर मिथाइल अल्कोहल है। इस बात की पुष्टि प्रयोगशाला ने कर दी है। यह माल 200-200 लीटर के 63 ड्रमों में रखा है। अब पुलिस और प्रशासन इस सवाल को खोजने में जुटा है कि आखिरी इतनी बड़ी मात्रा में यह खेप आई कहां से और किस उपयोग के नाम पर आई। विजेंद्र कपूर की ओर से शुरुआत में इस खेप को बरेली से मंगवाने की बात बताई थी। मगर, बरेली की फैक्टरी से इस बात का कोई सबूत नहीं मिल पाया है।
तालानगरी की फैक्टरी में 30 मई को छापामारी में 200 से अधिक केमिकल के ड्रम मिले। इस फैक्टरी को आयुर्वेदिक सैनिटाइजर बनाने का लाइसेंस मिला हुआ था। मगर, वहां मानकों के विपरीत कार्य पाया गया। विपिन ने बताया था कि यहीं से उसने नकली शराब बनाने के लिए मिथाइल अल्कोहल खरीदा था। इस पर पुलिस ने फैक्टरी संचालक विजेंद्र कपूर निवासी विद्या नगर को गिरफ्तार कर लिया। वहां से केमिकल के नमूने भरे थे। डीएम चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि फैक्टरी में 200-200 लीटर के 63 ड्रम में मिथाइल अल्कोहल की पुष्टि हुई है।
आबकारी, एक्साइज महकमों पर खड़े हुए सवाल
इस तरह फैक्टरी में इतनी मात्रा में जहरीला केमिकल होने के बाद आबकारी से लेकर एक्साइज तक पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चूंकि इसके पास कुछ केमिकल भंडारण के लिए आबकारी से लाइसेंस था। सैनिटाइजर के लिए आयुर्वेद से था। केमिकल व स्याही का काम होता था तो एक्साइज महकमे की भी आवाजाही रहती थी। फिर किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी।