न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
नियम विरुद्घ तरीके से हाथ के बजाय मशीन से खुदाई के मामले में डीएम के आदेश पर खनन विभाग ने खैर क्षेत्र में यमुना की खादर वाले इलाके में चार लोगों के निजी भूमि पर खनन के पट्टे निरस्त कर दिए हैं। दो पट्टे अवैध खनन के चलते निरस्त किए गए हैं। एक अन्य के लिए ओटीपी का इंतजार किया जा रहा है।
यमुना की खादर वाले इलाके में निजी भूमि की बालू हटाकर मिट्टी निकालने और उसे खेती योग्य बनाने के लिए प्रशासन ने सात लोगों को निजी भूमि पर अवैध खनन के पट्टे दिए थे।
इनमें से गांव लालपुर रैयतपुर खैर निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र विजय पाल का पट्टा दो बार मानक से अधिक अवैध खनन के चलते निरस्त करते हुए इन पर करीब 1.85 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। यही नहीं इनके द्वारा पट्टों के एवज में जमा की गई 6.07 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त कर ली गई।
इनके अलावा इसी गांव के रमेश पुत्र महावीर पर अवैध खनन मामले में 11.75 लाख का जुर्माना लगाते हुए पट्टा निरस्त करते हुए 1.37 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त की गई थी।
इसी क्रम में अवैध रूप से मशीन से खनन कराने के मामले में गांव रायपुर मजरा घरबरा खैर निवासी ओमपाल सिंह पुत्र जगमाल सिंह की 8.25 लाख की जमानत राशि जब्त करते हुए पट्टा निरस्त किया गया है।
इसी गांव के जय भगवान पुत्र गिर्राज एवं महावीर की 6.07 लाख, धारागढ़ी माजरा ऊंटासानी खैर निवासी भगवान सिंह व कल्लू पुत्र हरिया द्वारा जमा की गई 5.45 लाख रुपये की जमानत राशि जब्त कर पट्टे निरस्त कर दिए गए हैं।
जिला खनन अधिकारी आरके संगम ने बताया कि इनके अलावा महाराजगढ़ माजरा घरबरा खैर निवासी सत्यवती पत्नी विजय के ओटीपी का इंतजार किया जा रहा है। जांच में इनके खेत में भी मशीन से खुदाई के निशान मिले हैं। ओटीपी मिलते ही इनका पट्टा भी निरस्त कर दिया जाएगा।