न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अमेरिका एवं यूरोपीय देशों में पर्सनल ट्रांसपोटेसन के लिए लोकप्रिय ‘सेगवे’ का अनोखा मॉडल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने तैयार किया है। खास बात यह है कि छात्रों द्वारा तैयार तीन पहिया सेगवे किफायती एवं यातायात की दृष्टि से सुविधाजनक भी है।
यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक के फाइनल ईयर के छात्र साद नकवी, मो. यावर, माहिउद्दीन, मो. शाकिर एवं मोइन इफरान ने कॉलेज के शिक्षक मो. यूनुस खान के निर्देशन में तीन पहिया सेगवे तैयार किया है। इसे तैयार करने में पुराने मोपेड (टीवीएस एक्सएल) का इंजन एवं सीबीआर का साइलेंसर आदि का इस्तेमाल किया गया है। पीछे के दो टायर इमेजन डॉट काम के माध्यम से छात्रों ने अमेरिका से मंगवाए हैं। आगे का पहिया स्कूटी का है। फ्रैबिकेशन एवं डिजाइन स्वयं छात्रों ने की है।
छात्र साद नकवी ने बताया कि भीड़-भाड़ वाले एरिया में इसे आसानी से ले जाया जा सकता है। साइज छोटा होने के कारण पार्किंग में कोई दिक्कत नहीं होगी। इंडस्ट्री एवं शापिंग मॉल आदि में इसका इस्तेमाल एक से दूसरे स्थान पर जाने के लिए आसानी से किया जा सकता है। छात्रों का कहना है कि अभी इसे मैकेनिकल बनाया है, लेकिन भविष्य में इलेक्ट्रीकल रूप दे देंगे। पेट्रोल टंकी के बदले बैट्री लगानी होगी। उसके बाद सेगवे पूरी तरह इको फ्रेंडली हो जाएगा।
छात्रों के मार्गदर्शक मो. यूनुस खान कहते हैं कि बुधवार शाम को छात्रों ने इसे कैंपस में चलाकर अंतिम रूप दिया है। इसे बनाने में करीब 20 हजार रुपये का खर्च आया है, लेकिन व्यापक स्तर पर निर्माण होने से लागत काफी कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यूरोप एवं अमेरिका आदि देशों में सेगवे बेहद लोकप्रिय है।
वहां दो पहिया सेगवे ज्यादा प्रचलित है, जबकि छात्रों ने तीन पहिया सेगवे तैयार किया है। इसे खड़े-खड़े चलाया जाता है। परीक्षण के दौरान 40 से 42 किमी प्रति घंटा की रफ्तार आंकी गई है। भारत में सेगवे चुनिंदा शहरों में ही देखने को मिलता है।