न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एटूजेड कंपनी के कूड़ा निस्तारण प्लांट की एक और खामी उभर कर आई है। प्लांट में बनने वाली खाद के सैंपल फेल होने की बात कही जा रही है। हालांकि प्लांट प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अभी प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्ट फाइनल नहीं हुई है।
शहर के सात स्वच्छता वार्डों में से पांच स्वच्छता वार्डों से एटूजेड कंपनी कूड़ा उठा रही है। कूड़ा उठान में अनियमितताओं का समय-समय पर सभासद और अन्य लोगों द्वारा आरोप भी लगाए गए हैं। अब पर्यावरण चेतना समिति के चौ. सुमेध सिंह ने शासन को लिखे पत्र में कहा है कि एटूजेड कंपनी में कूड़ा निस्तारण के नाम पर भारी अनियमितताएं हो रही हैं। यहां पर कूड़े से बनने वाली खाद की गुणवत्ता बेहद खराब है।
कुछ दिनों पहले यहां से एक कंपनी को भेजी गई खाद का सैंपल फेल हो गया। एटूजेड प्लांट से कुछ तो कंपनियां सीधे खाद खरीदती हैं और अपने स्तर से उसकी गुणवत्ता की जांच कराती हैं।
कुछ मामलों में कंपनी के स्तर से जांच करायी जाती है, जबकि कुछ मामलों में कृषि विभाग खाद की गुणवत्ता की जांच करता है। पत्र में कहा गया है कि सन् 2011 में जब खाद की पहली रेक रवाना की गई थी तो उसका भी सैंपल फेल हुआ था और पूरी रेक वापस लेनी पड़ी थी। इसके अलावा प्लांट के सीएनडीसी के तालाब में रिडेक्शन का खाद पड़ना चाहिए, लेकिन उसमें गारबेज डाला जा रहा है। पत्र में पूरे मामले की जांच की मांग की गई है।
हमारे यहां पर प्रतिदिन 15 से 20 टन खाद का उत्पादन हो रहा है। जहां तक खाद के सैंपल की जांच का सवाल है तो वह कई स्तरों से होती अभी के सैंपल के मामले में प्रक्रिया अभी चल रही है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद हमने यहां पर कई चीजों को बदल है। साथ ही सुधार भी किया है।
- समय सिंह यादव, मैनेजर, प्लांट