रविवार से शहर में डेरा डाले थी एसटीएफ
क्राइम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सपा के पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह को पुख्ता जानकारी और ठोस सबूतों के साथ पकड़ने के लिए एसटीएफ ने रविवार को ही शहर में डेरा डाल दिया था। एसटीएफ की आधी टीम सोमवार को शहर पहुंची थी। थाने पहुंचे सपा नेताओं ने पार्टी हाईकमान को भी फोन पर पूर्व विधायक की गिरफ्तारी की जानकारी दे दी है।
पूर्व विधायक के आवास पर एसटीएफ के छापे और गिरफ्तारी की खबर देर रात आग की तरह शहर में फैल गई। जानकारी होते ही समाजवादी पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष अज्जू इशहाक, मनोज यादव, विधायक के करीबी बिल्डर राजीव शर्मा, डा. संजय भार्गव, लोधा ब्लाक प्रमुख गिरीश यादव, युवा सपा नेता कौशल दिवाकर, ठा. शीलेंद्र सिंह आदि क्वार्सी थाने में पहुंच गए थे। नेताओं का क्वार्सी थाने पर पहुंचना लगातार जारी था।
पुलिस के अनुसार हथियारों के जिस अंतर्राष्ट्रीय तस्करों के पीछे एसटीएफ लखनऊ लगी हुई थी, उस रैकेट के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार करने और उनसे पूछताछ के बाद एसटीएफ लखनऊ ने पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह की गिरफ्तारी के लिए शहर में डेरा डाला।
विवादों से रहा पूर्व विधायक पुराना नाता
पूर्व सपा विधायक ठा. राकेश सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। एक बार पुलिस लाइन में आरआई कक्ष में उनका आरआई से विवाद हुआ था। इस मामले में आरआई की ओर से उनके खिलाफ डकैती का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पूर्व में रामघाट रोड पर एक गैंगवार में दो लोगों की हत्या हुई थी। इस हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि फरारी के समय वह ठा. राकेश सिंह के बगल वाले फ्लैट में रह रहे थे। विधायक बनने से पहले भी राकेश सिंह पर शहर के एक बड़े बिल्डर शेखर सर्राफ पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था।