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शिक्षक पात्रता परीक्षा में 1894 रहे गैरहाजिर

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शिक्षक पात्रता परीक्षा में 1,894 रहे गैरहाजिर
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ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।

शहर के 18 परीक्षा केंद्रों पर रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा हुई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई इस परीक्षा में 1,894 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। यहां कुल 13,343 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। शहर में इस परीक्षा को लेकर परीक्षा केंद्रों के बाहर भीड़ लगी रही। परीक्षा में कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर जमे रहे और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की जानकारी भी लेते रहे।

यूपी टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के लिए शहर में 18 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा को लेकर कई दिन से जिला प्रशासन और माध्यमिक शिक्षा महकमा तैयारी कर रहा था। शासन ने ही दस परीक्षा केंद्र नियत किए थे। सुबह की पाली में आठ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा हुई। इसके लिए इन परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों व अन्य लोगों की भीड़ एकत्रित होना शुरू हो गई।
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सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक, केंद्र प्रभारियों के अलावा काफी पुलिस फोर्स भी मौजूद था। इस परीक्षा के लिए 4,333 परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें से 3,681 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 652 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर ढाई बजे से शहर के 18 केंद्रों पर हुई। इसमें 10904 परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसमें 9,662 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी और 1242 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे।

कुल मिलाकर 1894 परीक्षार्थियों ने परीक्षा नहीं दी। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, एडीआईओएस डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय व अन्य अधिकारी परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण में जुटे रहे और वहां स्थिति देखी। वहीं सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार पांडेय डीआईओएस ऑफिस में बनाए गए कंट्रोल रूम की व्यवस्था संभाले रहे। डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्वक हुई है और कोई नकलची नहीं पकड़ा गया। वहीं, नौरंगीलाल जीआईजी इंटर कॉलेज में केंद्र प्रभारी शीलेंद्र कुमार परीक्षा की कमान संभाले रहे।

काफी परीक्षार्थियों ने झेली दिक्कत
परीक्षा के दौरान मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र न होने की वजह के काफी परीक्षार्थियोें को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। इससे कई परीक्षा कें द्रों पर हंगामे का माहौल भी बन गया। बाद में डीआईओएस व अन्य अधिकारियों के निर्देश पर अन परीक्षार्थियों को नेट की मार्कशीट के साथ अन्य आईडी प्रूफ लेकर परीक्षा में बैठने की इजाजत दी। अभी तक काफी विद्यार्थियों की बीएड की ओरिजिनल मार्कशीट नहीं आई है और ऐसे काफी परीक्षार्थियों ने टीईटी में आवेदन किया था। यह परीक्षार्थी जब परीक्षा केंद्र गए तो इन पर हॉल टिकट तो था लेकिन मूल शैक्षिक प्रमाणपत्र न होने की वजह से इन्हें प्रवेश देने से रोक दिया गया। इस पर इन परीक्षार्थियों ने आक्रोश जाहिर किया। परिणामस्वरूप हंगामा खड़ा हो गया। बाद में जब डीआईओएस व अन्य अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने निर्देश दिए कि आईडी प्रूफ लेकर जिन परीक्षार्थियों पर नेट से प्राप्त मार्कशीट भी हैं तो उन्हें परीक्षा देने दी जाए। डीआईओएस के निर्देश पर इन परीक्षार्थियोें का ब्योरा भी उनके कार्यालय में भिजवा दिया गया। डीआईओएस का कहना है कि सभी पात्र परीक्षार्थियों को परीक्षा में शामिल कराया गया है।

उत्तर प्रपत्र भेजे गए इलाहबाद
कड़ी सुरक्षा के बीच देर शाम परीक्षा केंद्रों के आंसर सीट कोषागार भिजवाई गई। वहां से एडीआईओएस डॉ.लक्ष्मीकांत पांडेय व अन्य प्रशासनिक अधिकारी इन्हें लेकर देर रात इलाहबाद रवाना हो गए। इनके साथ भी पुलिस फोर्स यहां से गया है।
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किसी को टफ तो किसी को आसान लगी परीक्षा

शिक्षक पात्रता परीक्षा में किसी को टफ तो किसी को आसान लगी। परीक्षा के बाद कुछ परीक्षार्थियों को फीलगुड हुआ तो कुछ परेशान भी दिखे।
परीक्षा को लेकर पूरी तैयारी की थी। उम्मीद है कि रिजल्ट भी अच्छा आएगा। वैसे पहली बार इतना टफ पेपर आया है।
छाया सिंह, सुरेंद्र नगर

पेपर वैसे सरल था। जिस हिसाब से तैयारी करके परीक्षा दी है। उससे उम्मीद है कि परिणाम मेरे अनुकूल आएगा।
परवीन गौतम, बरौला बाईपास

प्रश्नपत्र अच्छा करते आई हूं। इसके लिए तैयारी भी की थी। अब देखो रिजल्ट क्या आता है।
नेहा, सासनी गेट

इस परीक्षा को लेकर तैयारी की थी। प्रश्नपत्र में कुछ सवाल कठिन थे। एग्जाम में पास होने की उम्मीद है।
श्वेता, बरौला

शिक्षामित्रों के हिसाब से कठिन थी परीक्षा
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसियेशन के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा ने कहा है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रश्नपत्र शिक्षामित्रों के हिसाब से कठिन था। संस्कृत बाल मनोविज्ञान के कुछ प्रश्न काफी टफ थे। हालांकि इसे आउट ऑफ सिलेबस तो नहीं कहा जा सकता। लेकिन परीक्षा अन्य वर्षों की अपेक्षा कठिन थी।
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