दहेज हत्या में पति और जेठानी को उम्रकैद
ब्यूरो, अमर उजाला अलीगढ़।
सत्र न्यायाधीश श्रीमती कल्पना मिश्रा के न्यायालय से दहेज हत्या के मुकदमे में मृत महिला के पति और जेठानी को उम्रकैद व अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है। अर्थदंड न देने की दशा में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में महिला ने मृत्यु पूर्व बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज कराए थे। इसी आधार पर हत्या का आरोप तय किया गया।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी डॉ. अबसार किदवई के अनुसार अकराबाद क्षेत्र के गांव बहादुर गढ़ी निवासी नीटू सिंह पुत्र सत्येंद्र सिंह की बहन सर्वेश की शादी सुशील कुमार पुत्र शंकरपाल निवासी बघियान थाना चंडौस के साथ हुई थी। अभियोजन पक्ष के अनुसार शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर ससुरालीजन सर्वेश का उत्पीड़न करने लगे। साथ ही उसे मायके भेजकर सुशील ने दूसरी शादी की तैयारी कर ली। मगर बाद में किसी तरह मायके पक्ष के लोग सर्वेश को ससुराल छोड़ने गए तो वहां तमाम विवाद के बाद उसे रखा गया।
इसके बाद 18 सितंबर 2013 को ससुरालीजनों ने सर्वेश को मिट्टी का तेल डालकर जान से मारने की नीयत से जला दिया। बाद में उसकी लाश को ठिकाने लगाने के इरादे से अधजली हालत में खैर की ओर लेकर भागे। मगर वादी पक्ष ने खबर पर पीछा किया तो वह रास्ते में सर्वेश को नाजुक हालत में छोड़ कर भाग गए। बाद में उसे जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहां उसने ससुरालियों के खिलाफ मृत्यु पूर्व बयान दिया। मेडिकल में उसकी मौत हो गई।
इस मामले की रिपोर्ट सर्वेश के पति सुशील कुमार आदि के खिलाफ दर्ज कराई गई। विवेचना के बाद विवेचना अधिकारी ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल की। इसमें पति सुशील कुमार व जेठानी मुन्नीदेवी को आरोपित किया गया। मामले की सुनवाई सेशन न्यायाधीश की कोर्ट में हुई। न्यायाधीश ने सुशील कुमार व मुन्नी देवी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अपहरण व दुष्कर्म में दस साल की सजा
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या प्रथम के न्यायाधीश अच्छेलाल सरोज के न्यायालय से किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के मुकदमे में आरोपी को दस साल व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से आधी धनराशि पीड़ित पक्ष को दिए जाने के आदेश दिए हैं। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी प्रमोद कुमार तोमर के अनुसार तीन सितंबर 2012 को किशोरी दादों स्थित अपने घर में अकेली थी। तभी उसे आरोपी राजकुमार पुत्र नानक चंद निवासी बी 1-273 गली नंबर आठ न्यू अशोक नगर दिल्ली बहला फुसलाकर ले गया। किशोरी के बरामद होने पर उसने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का बयान दर्ज कराया और मुकदमा अदालत में पहुंचा। जहां सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
धीरा ठाकुर हत्याकांड में दो और को जमानत
महानगर के मैरिस रोड चौराहे पर जुलाई माह में हुई पूर्व विधायक ठा. राकेश सिंह के करीबी प्रापर्टी डीलर धीरा ठाकुर हत्याकांड के दो और आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में अदालत ने पूर्व में साजिश के आरोपी राकेश गोस्वामी को जमानत दे दी थी। अब अदालत ने मोहित व शिवम को भी जमानत दे दी है। उनके भी जल्द रिहा होने की उम्मीद है।