एक हाथ से चार बच्चों की परवरिश कैसे करेगा देशराज?
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
हाथरस के गांव जिरौली के किसान देशराज सिंह का जीवन अब खतरे से बाहर है लेकिन उन्होंने हमेशा के लिए बायें हाथ का पंजा खो दिया है। इस घटना से बुजुर्ग पिता कन्हैया लाल पर दुख का पहाड़ टूट गया है। वह यह सोचकर परेशान है कि एकलौता बेटा एक हाथ से अपने चार बच्चों की परवरिश कैसे करेगा? उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सासनी में प्राथमिक उपचार नहीं मिलने का आरोप भी लगाया।
जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहे हाथरस जनपद के सासनी के गांव जिरौली के 38 वर्षीय किसान देशराज सिंह पुत्र कन्हैया लाल ने बताया कि सोमवार को करीब 2-3 बजे वह अपने खेत पर पानी लगाने गए थे। लाइट खराब थी तो बगल के खेत पर चला गया। चरी के खेत के पास एक आदमी लेटा था।
महसूस हुआ कि वहां अन्य लोग भी है। पूछने पर उसने दारू पीने की बात कहकर चले जाने का कहा। इतने में एक दूसरा आदमी आ गया और धारदार हथियार से हमला कर दिया। उसके बाद पता नहीं क्या हुआ। देशराज सिंह के चचेरे भाई अरविंद कुमार ने बताया कि देशराज सिंह का भतीजा आकाश भी पानी लगाने खेत पर गया था। उसने देशराज पर हमला होते देख शोर मचा दिया।
देशराज सिंह के पिता कन्हैया लाल का आरोप है कि सासनी पीएचसी पर उपचार नहीं मिला। बिना कोई उपचार किये वहां से मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि देशराज उनका इकलौता बेटा है। उसके तीन लड़की एवं एक लड़का है। अब एक हाथ से कैसे खेती-किसानी करेगा और अपने बच्चों की परवरिश करेगा।
भाई अरविंद कुमार ने बताया कि घटना स्थल पर देशराज का पंजा हाथ से कटकर अलग पड़ा था। उसे बर्फ में हिफाजत से इसलिए संभालकर रखा गया था कि जुड़ जाएगा। लेकिन चिकित्सकों के असमर्थता जता दी।