न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
भगवान हनुमान प्रकरण में अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र नेता भी कूद गए हैं। कोर्ट सदस्य (एजी) शफीकुर्रहमान खान ने आशंका जताई है कि नेता अपनी नजरियात से हनुमान जी का कनेक्शन कश्मीर के पत्थरबाजों से भी जोड़ सकते हैं, क्योंकि चित्रों में हनुमान जी हाथ पर पहाड़ उठाए हुए दिखते हैं। उन्होंने दावा किया कि हनुमान जी जीवित हैं और कई देशों में देखे गए हैं।
एग्रीकल्चर फैकल्टी के कोर्ट सदस्य शफीकुर्रहमान खान का कहना है कि आज हनुमान जी को लेकर भाजपा एवं अन्य नेताओं के जितने भी बयान आ रहे हैं, वह हकीकत से दूर है। हनुमान जी आज भी सबके दिलों में जिंदा है।
उन्होंने कहा कि विज्ञान का छात्र होने के नाते मैंने इस मामले को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का प्रयास किया है। श्रीलंका के मातंग कबीले के लोगों का मानना है कि एक भारी भरकम विशालकाय जीव आसमान में उड़ता हुआ दिखता है, जो हनुमान जी हैं। वे लोग हनुमान जी की पूजा करते हैं।
अमेरिका में भी विशालकाय जीव को उड़ते हुए देखा गया हैं और उनका भी दावा है कि हनुमान जी हैं। उन्होंने साइंटिफिक फैक्ट के तहत बिग फुट (बड़ा पैर) नाम दिया है। अमेरिका की हजारों वर्ष पुरानी माया सभ्यता में बिग फुट की पूजा की जाती थी।
शफीकुर्रहमान का कहना है कि आज कुछ लोग धार्मिक विचारधारा के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। हनुमान जी को जातियों एवं धर्मों से जोड़ रहे हैं। लेकिन उनके बयान हकीकत से दूर हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजरंग बली को अनुसूचित जाति का बताया था। उसके बाद से हनुमान जी की जाति को लेकर कई नेताओं के अलग-अलग बयान आ गए हैं।