क्राइम न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
गत सोमवार को एएमयू छात्र संघ पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद आफताब हाल में बाहरी छात्रों द्वारा की गई फायरिंग आदि के विरोध में मंगलवार को छात्र बाब ए सैयद गेट पर धरने पर बैठ गए। छात्रों की मांग थी कि उनके खिलाफ दर्ज किया गया मुकदमा खारिज हो और उनकी दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हो। मौके पर पहुंची प्राक्टर टीम ने भरोसा दिलाया कि लिखित में शिकायत दी जाए। तहरीर मिलने के बाद वह पुलिस को भिजवा दी गई है। जिसमें देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
सोमवार को एएमयू के एथलेटिक्स मैदान पर छात्र संघ पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। सोमवार को एएमयू छात्र संघ शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुई मारपीट और फायरिंग की घटना में घायल हुए दो बाहरी छात्र राहिल और मुरादाबाद के शादिक की ओर से सोमवार की देर रात ही थाना सिविल लाइन में तहरीर दे दी गई थी। इसमें तमंचे की बट से हमला करने और 20 हजार रुपये की लूट करने की बात कही गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी शाहजेब और हिलाल सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना की जानकारी मंगलवार की सुबह इंटरनल छात्रों को हुई तो उनमें आक्रोश फैल गया। दिन भर रणनीति के बाद वह मंगलवार की शाम को बाब ए सैयद पर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि बाहरी लोगों की तहरीर पर दर्ज किया गया मुकदमा खारिज किया जाए। जबकि हमारी तहरीर पर मुकदमा दर्ज हो। मौके पर प्राक्टर टीम पहुंची और भरोसा दिलाया कि इस संबंध में लिखित शिकायत दी जाए। छात्रों ने प्राक्टर टीम को तहरीर दे दी। जिसके बाद छात्रों का धरना समाप्त हो गया। प्राक्टर टीम का कहना है कि हमने तहरीर पुलिस को भिजवा दी है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस के अनुसार देर रात दूसरी ओर से भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एएमयू में छात्रसंघ के शपथ ग्रहण में उपाध्यक्ष का चुनाव लड़ चुके सोनवीर सिंह ने कार्यक्रम में बोलने के दौरान बीच मे रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह संचालक द्वारा किया गया शर्मिंदगी पूर्ण कृत्य था। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात कहने का अधिकार है। जब मैंने हकीकत बोलना शुरू कर दिया तो कार्यक्रम का संचालन कर रहे डा. शारिक अकील ने मुझे वहां से जबरन हटाने की कोशिश और वहां उपस्थित लोगों ने हूटिंग करना शुरू कर दिया। इससे साफ है कि एएमयू के अंदर कुछ लोग और खुद इंतजामिया एक तरफा बात सुनना चाहता है। शपथ ग्रहण समारोह में जीते हुए प्रत्याशियों के साथ साथ हारे हुए प्रत्याशियों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। उसी कार्यक्रम में सोनवीर सिंह ने आरोप कहा था कि छात्रसंघ चुनाव में हर बार किसी हिन्दू प्रत्याशी के खड़े होते ही कुछ लोगों द्वारा धर्म के नाम पर लोगों को डराना शुरू कर दिया जाता है। छात्रों के बीच जा जा कर एक तरफा माहौल बनाने की कोशिश की जाती है जो कि शर्मनाक है। यहां से एक भी हिंदू प्रत्याशी नहीं जीत पाता है तो यह स्थिति एएमयू के सेकुलरिज्म को सवालों के कठघरे में खड़ा करती है।