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व्रती महिलाओं ने दिया संध्या अर्घ्य

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डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़
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शहर के टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर में मंगलवार को छठ पूजा के तीसरे दिन मेले जैसा माहौल बना रहा। व्रती महिलाओं ने 36 घंटे की तपस्या के बाद सूर्य उपासना के तहत सूर्य भगवान को पारंपरिक रूप से संध्या अर्घ्य दिया। इसके बाद आज (बुधवार) सुबह उदय होने वाले सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाएगा।

बता दें कि शहर में भी बिहार तथा पूर्व उत्तर प्रदेश के काफी परिवार रहते हैं। इनके लिए छठ पूजा पर्व सबसे बड़ा पर्व होता है। मंगलवार को 36 घंटे के व्रत के बाद व्रती महिलाओं ने टीकाराम मंदिर व बदरबाग स्थित शिव मंदिर में बनाए गए घाट पर शाम पांच बजे के लगभग पहुंच गईं। इसके बाद छठ पूजा के लिए बनाए गए प्रसाद में ठेकुआ (टिकरी), चावल के लड्डू (लड़ुआ), सांचा, फलों को बांस की टोकरी में अर्घ्य का सूप सजाया। व्रती महिलाओं के साथ परिवार तथा पड़ोस के लोगों ने मिलकर बनाए गए घाट पर पहुंचकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके बाद सामूहिक रूप से सूर्य को जल व दूध का अर्घ्य देकर छठी माता के लिए सजाए गए प्रसाद से भरे सूप से पूजा की। इस दौरान दोनों स्थानों पर मेले जैसा दृश्य बन गया।
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आज दिया जाएगा उषा अर्घ्य
आज (बुधवार) सुबह भोर में उदीयमान सूर्य को व्रती महिलाएं अर्घ्य देंगी। इसके बाद सभी व्रती महिलाएं तथा उनके परिजन ब्रह्म बाबा (पीपल का पेड़) की पूजा करेंगे। इसके बाद कच्चे दूध का शरबत पीकर और थोड़ा प्रसाद खाकर व्रत खोला जाएगा। इस प्रक्रिया को पारण या परना भी कहा जाता है।
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