न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर को स्मार्ट सिटी की तैयारियों के क्रम में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम की तैयारियों की शुरुआत हो गई है। इसके साथ ही डीपीआर में जन उपयोगी सुझावों को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने इसकी तैयारियों का जायजा लिया। जल्द ही इसको जमीन उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है।
अलीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड स्मार्ट प्रपोजल के अंतर्गत इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सिक्योरिटी और ई गर्वनेंस की प्रगति की जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा की। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों ने अनेक जन उपयोगी सुझाव दिए। इसमें महिलाओं की सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, स्मार्ट रोड, स्मार्ट पोल, प्राइवेट बस स्टैंड, यातायात के साधन, फुटपाथ, स्मार्ट रोड सहित अनेक बिंदु शामिल थे।
जिलाधिकारी ने बैठक में सरकारी बसों के कारण आए दिन लगने वाले जाम को रोडवेज अधिकारियों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। आरटीओ को ऐसे बस ड्राइवरों पर सख्ती करते हुए बसों को सीज करने के निर्देश दिए, ताकि शहर में गांधी पार्क व मसूदाबाद जीटी रोड पर जाम की स्थिति न बने।
इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम के संबंध में नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि चयनित कंसलटेंट फर्म यूआरएस स्कार्ट बिल्लक द्वारा तैयार डीपीआर का तकनीकी परीक्षण एक्सपर्ट टीम के सदस्यों द्वारा उनके निर्देश पर कराया जा रहा है।
बैठक में दिए गए स्मार्ट सुझावों को डीपीआर में शामिल करते हुए निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अगले तीन महीने में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम धरातल पर आ जाएगा। महापौर मोहम्मद फुरकान ने कहा कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अधिकारियों कर्मचारियों के साथ-साथ शहरवासियों को भी स्मार्ट सोच बनानी होगी।
बैठक में एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव, एसपी ट्रैफिक अजीममुल हक, अरविंद कुमार, सौरभ मंगल, प्रवीन अग्रवाल, ज्ञानचंद्र वार्ष्णेय, कमल गुप्ता, पंकज धीरज, दीपक गर्ग, सतीश कुलश्रेष्ठ, पारुल जिंदल, विपिन कुमार, ओपी राठी, हरिकिशन अग्रवाल, शेर सिंह, आनंद गर्ग, डॉ. सुरेंद्र कुमार, मोहित मिश्र, देश दीपक आदि मौजूद थे।
सड़कों पर विचरण करता गोवंश बन रहा परेशानी
शहर की सड़कों पर विभिन्न स्थानों पर झुंड़ के रूप में कूड़े के ढेर पर विचरण कर रहा गोवंश न सिर्फ अपनी दुर्दशा की बयानी कर रहा है बल्कि राहगीरों के लिए भी खतरा बना हुआ है। नगर निगम की ओर से कांजी हाउस बना हुआ है लेकिन निगम की दलील है कि सड़कों पर विचरण करने वाले गोवंश में पालतू भी शामिल है। साथ ही नगर निगम के कांजी हाउस क्षमता से ज्यादा भार ढो रहे हैं।
शहर में दुबे के पड़ाव, रामघाट रोड, क्वार्सी चौराहा, किशनपुर, विक्रम कालोनी, स्वर्ण जयंती नगर, एडीए कालोनी, मान सरोवर, ज्ञान सरोवर, सेंटर प्वाइंट, मैरिस रोड, केला नगर चौराहा, मेडिकल रोड, दोदपुर चौराहा, यूनिवर्सिटी रोड, स्टेट बैंक तिराहा, रसल गंज, जिला अस्पताल, बारहद्वारी, सराय हकीम, आगरा रोड, अचल तालाब, हाथरस अड्डा, सासनी गेट, जीटी रोड आदि मुख्य मार्गों पर आवारा विचरण कर रहे गोवंश की समस्या है।
हृदय विदारक पहलू यह है कि यह गोवंश कूड़े के ढेर में अपना भोजन तलाश करता है। नगर निगम का वर्कशाप स्थित कांजी हाउस है लेकिन वह इस समय क्षमता से ज्यादा भार ढो रहा है। इसके अलावा शहर में अन्य गो शालाएं हैं जो निजी स्तर पर चलती है। लेकिन आवारा विचरण कर रहे गोवंश की संख्या ज्यादा है।
रात के समय वाहनों से टकराने का खतरा
रात के समय जो खास तौर से काले रंग का गोवंश है उसके वाहनों से टकराने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। सड़क पार करते समय शहर के बाहरी इलाके में इनके वाहनों की चपेट में आने से वाहन चालक दुर्घटना ग्रस्त होते हैं। कुछ समय पहले ही पूर्व लीड बैंक मैनेजर और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम के प्रमुख हरिश्चंद्र पांडेय ऐसी ही दुर्घटना का शिकार हुए थे।
‘पशु पालकों को चेतावनी और अपील समय समय पर जारी की जाती है कि वह अपने पशुओं कोे आवारा विचरण करने के लिए नहीं छोड़ें। आवारा विचरण कर रहे पशुओं में बड़ी संख्या पालकों द्वारा छोड़े पशुओं की है। जितना संभव है नगर निगम अपने स्तर से उनको समायोजित कर रहा है’
- सत्य प्रकाश पटेल, नगर आयुक्त