न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एससी-एसटी एक्ट में हुए संशोधन में केंद्र सरकार के सहयोग करने पर सवर्णों में काफी गुस्सा है। अब सभी मिलकर इसके विरोध को तैयार हैं। कई सामाजिक संगठनों ने मिलकर विरोध की रणनीति भी तैयार कर ली है। 20 अगस्त से विरोध शुरू हो जाएगा।
श्री वार्ष्णेय मंदिर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ. आरसी गुप्ता ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने एससी-एसटी एक्ट से होने वाले उत्पीड़न को रोकने के लिए एक व्यवस्था दी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने कुछ लोगों के दबाव में इसे सवर्णों के खिलाफ ब्रह्मास्त्र बनाकर दलितों को थमा दिया है।
इतने से भी जब मन नहीं भरा तो गृह मंत्री राजनाथ सिंह इस एक्ट को नौंवी सूची में डालने की बात कह रहे हैं। ताकि इस संशोधन को किसी अदालत में चुनौती न दी जा सके। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि सर्व समाज के लोगों को इस अंधे कानून के बारे में जागरुक करने के लिए गोष्ठी की जाएगी।
इसके साथ ही 20 अगस्त को गांधी पार्क पर मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसके बाद विधायकों का घेराव कर उन्हें ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि सरकार के कान पर जूं नहीं रेंगी तो 2019 के चुनाव में सभी नोटा का प्रयोग या फिर निर्दलीय प्रत्याशी को वोट करेंगे। जाट महासभा के महामंत्री दिगंबर सिंह ने कहा कि इस एक्ट को पारित करने में सहयोग करने वाले सभी राजनीतिक दलों को 2019 में परिणाम भुगतने होंगे।
प्रेसवार्ता में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पश्चिमी यूपी युवा प्रभारी राज सक्सेना, श्री वार्ष्णेय महासभा के अजय लिथो, राष्ट्रवादी प्रताप सेना के जिला संयोजक श्रीपाल चौहान, अग्रवाल युवा संगठन के महामंत्री विनय अग्रवाल, राजकुमार सिंह चौहान, अनूप शर्मा, उमेश पंडित समेत बड़ी संख्या में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।