न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
अक्सर भड़काऊ और विवादित बयान देकर सुर्खियों में रहने वाले राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के युवा अध्यक्ष नूरुल हुदा भी मंगलवार को एएमयू छात्रों के धरना स्थल पर पहुंच गए थे।
उनके यहां आने की खबर मानव शृंखला आंदोलन निपटने के बाद एजेंसियों को हुई और छात्रसंघ पदाधिकारियों के साथ मानव शृंखला जुलूस में उनका फोटो वायरल हुआ तो खुफिया तंत्र सक्रिय हो गया। खबर पर पुलिस भी हरकत में आई। मगर पुलिस के सक्रिय होने से पहले वह निकल गए।
पुलिस प्रशासन की मंशा है कि धार्मिक या भड़काऊ टिप्पणी करने वाले नेता छात्रों के धरने से दूर रहें तो बेहतर रहेगा। वरना इस तरह की बयानबाजी करने वाले माहौल को और तनावपूर्ण बना सकते हैं। इसी क्रम में दो दिन पहले बरेली के मौलाना को यहां जाने से रोका गया था।
मगर मंगलवार देर शाम खुफिया एजेंसियों को खबर लगी कि आजमगढ़ के चर्चित नेता आमिर रशादी की पार्टी उलेमा कौंसिल के युवा अध्यक्ष नूरुल हुदा यहां धरने में शामिल हुए हैं। वह मानव शृंखला में भी थे। यह फोटो वायरल होते ही पुलिस ने उन्हें यहां से हिरासत में लेकर बाहर भेजने की मंशा से कवायद शुरू की। तमाम प्रयास के बाद भी वह नहीं मिले। इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।