न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
एएमयू छात्रों के धरने पर राजनीतिक इनपुट मिलने और पूर्व विधायक जमीरउल्लाह द्वारा छात्रों के बीच दिए गए भाषण में खुद को उनका अभिभावक बताने संबंधी बयान वायरल होने के बाद शहर के कुछ नेताओं की खुफिया निगरानी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि इसी के चलते कैंपस से बाहर के युवकों की भीड़ मंगलवार को मानव शृंखला जुलूस में शामिल रही थी।
एएमयू में छात्रों के धरने का समर्थन करने पहुंचे पूर्व विधायक व वरिष्ठ बसपा नेता जमीरउल्लाह के भाषण का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उस पर गौर करें तो उन्होंने कहा था कि अधिकारी या तो शहर छोड़ दें या जेल जाने को तैयार हो जाएं। यह इतिहास में पहली बार हुआ है कि यहां तक गलत लोग पहुंचे हैं।
प्रशासन चुपचाप रिपोर्ट दर्ज कर ले, वरना ऊपर कोट से लेकर हर जगह तक का बच्चा-बच्चा यहां आने को तैयार है। योगी के गुंडों संग मिलकर जो हमला छात्रों पर बोला गया है, उसका हम जवाब देंगे। हमें कमजोर मत समझना। इतिहास लिखा जा रहा है। हमने बड़े बड़े अफसरों को देखा है।
यहां से भागते देखा है अधिकारियों को। तुम लोग बाहर से पढ़ने आए हो, खुद को अकेला मत समझना। हमारी जिम्मेदारी है, तुम्हारी देखभाल की। अलीगढ़ के लोग तुम्हारे अभिभावक हैं। यह लड़ाई शांतिपूर्वक ढंग से लड़नी है और जीतनी है। उस दिन तादात कम थी, इसलिए हमला बोल दिया। वरना ऐसा न होता।
पूर्व विधायक के इस भाषण का वीडियो वायरल होने और मंगलवार के प्रदर्शन में बाहरियों की संख्या को देखने के बाद अंदरखाने खुफिया तंत्र ने कुछ नेताओं की निगरानी शुरू कर दी है। किसी भी कीमत पर माहौल सामान्य रहे और कोई गलत तरीके से हरकत न करा दे। इन तथ्यों को जुटाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि छात्रों के बीच कोई उकसाने का काम तो नहीं कर रहा है।