न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इटावा में दो एआरटीओ से लाखों रुपये के सोने, चांदी व नकदी की बरामदगी के बाद अब खुफिया विभाग के रडार पर दूसरे जनपद के आरटीओ ऑफिस भी आ गए हैं। शुक्रवार को अलीगढ़ आरटीओ ऑफिस में कई घंटे तक खुफियागिरी हुई।
खुफिया टीम ने सामान्य नागरिक बनकर देखा कि विभाग में अधिकारी से लेकर एजेंट तक कौन बड़ा ‘खिलाड़ी’ है। भारी वाहनों के परमिट और लाइसेंस बनने की प्रक्रिया में लेनदेन के खेल को टटोला।
जब कुछ दलालों व कर्मचारियों को ये शक हुआ कि उनकी मुखबिरी हो रही है तो उनके कान खड़े हो गए। इसका अहसास खुफि या टीम को भी हो गया और वह चली गई। पूरे दिन विभागीय अधिकारी टेंशन में रहे कि उनकी कोई गड़बड़ी पकड़ी तो नहीं गई..?
टीम ने यह भी देखा कि किस तरह से लाइसेंस बनाए जाते हैं। परमिट और लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में कहां-कहां लेन-देन होता है और किसकी कितनी हिस्सेदारी पहुंचती है।
टीम ने एक-एक चीज को बारीकी से देखा। टीम पर मौके पर मौजूद कुछ दलालों को शक हो गया। उनमें खलबली मच गई तो बात अधिकारियों तक पहुंची। अधिकारी कुछ समझ पाते कि इससे पहले टीम वहां से गायब हो गई।
चर्चा रही कि इटावा के बाद अब यहां भी छापेमार कार्रवाई हो सकती है। इटावा में एआरटीओ दफ्तर में चार दिन पहले लाइसेंस को लेकर फर्जीवाड़ा सामने आया था और वहां से दो किलो सोना, 10 किलो चांदी, 29 लाख की नकदी पकड़ी गई थी। दो एआरटीओ भी एसएसपी इटावा ने दबोचे थे।