न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
इस बार आवारा कुत्तों के काटने का शिकार भाजपा के पार्षद नरेंद्र कुमार वार्ष्णेय हुए हैं, लेकिन उन्हें जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं मिला। इसके साथ ही जिला अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म होने को लेकर शुक्रवार को पीड़ित लोगों ने जमकर हंगामा किया। इसके साथ ही अस्पताल में घूम रहे कुत्तों और उनका तीमारदारों पर हमलावर होने का मुद्दा भी गरमा गया। बाद में मौके पर भाजपा नेता पहुंचे और उच्चाधिकारियों से वार्ता कर जल्द ही समाधान का लोगों को भरोसा दिलाया।
मलखान सिंह जिला अस्पताल में दो दिनों से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं हैं, जबकि यहां पर ओपीडी में प्रतिदिन करीब 200 से 215 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने आते हैं।
शुक्रवार को भाजपा पार्षद नरेंद्र वार्ष्णेय को भी कुत्ते ने काट लिया। वह इंजेक्शन लगवाने पहुंचे तो जिले से आए ऐसे करीब 50 मरीज और इकट्ठा थे। इन्होंने बताया कि यहां पर दो दिन से एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं हैं। जब इंजेक्शन नहीं मिले तो इन लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
पार्षद सहित पीड़ितों के फोन करने पर भाजपा नेता राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, प्रदीप पेंटर, पार्षद नरेंद्र वार्ष्णेय, करन वार्ष्णेय, सुरेश चंद्र शर्मा, पंकज सैनी आदि मौके पर पहुंच गए।
इन्होंने सीएमएस डॉ. रामकिशन से बात की तो सीएमएस ने बताया कि हमको प्रति महीने 300 बायल प्रति माह देने का प्रावधान है। क्योंकि एक कंपनी पर पूरे देश का ठेका होने के कारण वह ज्यादा सप्लाई देने में असमर्थ है। इस संबंध में डीजी स्वास्थ्य को अवगत करा दिया है। शासन का नियम है कि जिले की सीएचसी और पीएचसी पर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगने चाहिए।
सीएमओ ध्यान नहीं दे रहे: भाजपा नेता
मौके पर पहुंचे भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी इस समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। पूरे जिले का लोड जिला अस्पताल पर है। पूर्व अधिकारियों द्वारा जिले को दो हिस्सों में बांट दिया था। मौजूदा समस्या के लिए फोन पर बात की है। जल्द ही एंटी रैबीज इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएगा।