तीन वर्षीय बालिका का अपहरण कर फिरौती मांगी
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, खैर (अलीगढ़)।
छूटी दोस्ती को फिर परवान चढ़ाने के लिए एक व्यक्ति ने दोस्त की तीन वर्षीय बेटी का अपहरण कर लिया। पहले बालिका की मां को फोन कर सात लाख रुपये की फिरौती मांगी। खुद भी बालिका के पिता के साथ तलाश का बहाना करता रहा। बाद में खुद ही बालिका के खेत में पड़े होने की जानकारी पुलिस को दी। बालिका ने बरामद होने के बाद इशारों में जानकारी दी तो बालिका का इस दोस्त की पोल खुल गई और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मामला बुधवार की सुबह का है। पीपल गांव निवासी गिरीश शर्मा पुत्र जय प्रकाश की गांव के ही अभिषेक से दोस्ती थी। चार-पांच दिन पहले किसी बात पर दोनों में विवाद और बोलचाल बंद हो गया था। पुन: दोस्ती कायम करने के लिए अभिषेक ने यह नाटक रचा। गिरीश की तीन वर्षीय बेटी लौलता का अभिषेक ने अपहरण कर लिया। बालिका घर में दिखाई नहीं दी तो परिवार परेशान हो गया। गिरीश शर्मा के साथ अभिषेक भी उसकी तलाश में जुट गया। दोनों तलाश में जुटे थे, तभी कुछ घंटे बाद बालिका की मां सुलेखा के फोन पर अपहर्ता ने फोन कर सात लाख रुपये की मांग रखी। इस पर डरे, सहमे परिजनों ने तत्काल पुलिस को जानकारी दी।
मामला मासूम से जुड़ा होने के चलते पुलिस गोपनीय तरीके से अपहर्ता की तलाश में लग गई। उधर अभिषेक ने गिरीश से कहा कि वह एक तांत्रिक को जानता है। वह लौलता की तलाश में मदद कर सकता है। इसके बाद अपने मोबाइल पर किसी तांत्रिक से बात करने का नाटक किया और बालिका के परिजनों को बताया कि तांत्रिक ने गांव सहरोई वाले मार्ग स्थित मंदिर के पीछे बालिका का होना बताया है। उसकी बात पर विश्वास कर परिजन वहां पहुंचे तो बालिका खेत में बंधी पड़ी थी। मुंह एवं हाथ टेप से बांधे गए थे। पिता ने जैसे ही मुंह से टेप हटाया, वह चीख मारकर रो पड़ी।
परिजनों ने पूछा कि कौन ले गया था तो उसने अभिषेक की तरफ इशारा किया। इस पर आरोपी भाग निकला। देर रात पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी अभिषेक पुत्र पुरुषोत्तम के खिलाफ बालिका के पिता ने अपहरण व फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र दुबे ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रथम दृष्टया आरोपी की नीयत साफ नहीं थी। आरोपी और बालिका का पिता दोनों की दोस्ती भी थी। मामले में आरोपी से पूछताछ की जा रही है।