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शहर मुफ्ती की अपील की खबर पर आई चेहरे पर रौनक

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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एएमयू में प्रदर्शन तो अक्सर होते रहे हैं और उन प्रदर्शनों में छात्र काफी संख्या में जुटते रहे हैं। मगर अर्से बाद शायद यह पहला मौका देखने को मिला कि मानव शृंखला बनाने के लिए मंगलवार को कई हजार छात्र-छात्रा एकजुटता संग धरनास्थल पर मौजूद हो गए।

जैसे ही यह खबर कैंपस से बाहर आई तो एएमयू इंतजामिया और पुलिस प्रशासन दोनों के ही हाथ पांव फूलते दिखे। मगर करीब पांच बजे से चंद मिनट पहले जैसे ही शहर मुफ्ती की अपील की खबर आई तो सभी के चेहरों पर रौनक लौट आई। इसमें शहर के कुछ प्रबुद्ध लोगों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और शहर को किसी बड़े झमेले में जाने से बचाया।
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शाम पांच बजने में चंद मिनट पहले से ही बाब-ए-सैयद के बाहर छात्रों की गहमागहमी और तेज नारेबाजी शुरू हो गई थी। पुलिस एएमयू सर्किल से लेकर डीएम आवास तक काफी संख्या में मौजूद थी।

छात्राओं की संख्या देखकर डीएम आवास पर आरएएफ की महिला टुकड़ी और एएमयू सर्किल पर महिला पुलिस को लगाया गया था। अंदेशा बस इसी बात का था कि अगर यह कैंपस से बाहर आए और किसी खुराफाती या असामाजिक तत्व ने कोई हरकत कर दी तो क्या होगा। इसके बाद क्या हालात होंगे, इसके अंदेशे भर से सभी परेशान थे।

इसी बीच एएमयू इंतजामिया के इशारे पर तमाम शिक्षकों को प्रशासनिक ब्लाक के बाहर उन्हें रोकने के लिए लगाया गया। मगर तभी शहर मुफ्ती का संदेश लेकर समाजसेवी गुलजार अहमद धरना स्थल पर पहुंच गए और संदेश पढ़े जाने के बाद अंदर से खबर आई कि कैंपस के अंदर ही मानव शृंखला बन रही है तो सभी ने राहत महसूस की।

जिद पर अड़े एक गुट से करनी पड़ी धक्का-मुक्की
छात्रों का जुलूस जब प्रशासनिक ब्लाक तक आया और यहां से आगे बढ़ने की बात छात्रों का एक गुट करने लगा तो उस वक्त पुलिस पूरी तरह से एएमयू सर्किल पर थी। इस बात की तैयारी थी कि यहां से आगे नहीं बढ़ने दिया जाएगा। मगर शिक्षकों ने प्रशासनिक ब्लाक से आगे बढ़ने की कोशिश करने वाले गुट को वहीं रोक लिया और इस दौरान धक्का-मुक्की तक करनी पड़ी।
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बड़ा सवाल..किसके इशारे पर आ रहे बाहरी
छात्रों के जुलूस व धरनास्थल पर मंगलवार को एएमयू से बाहरी युवकों की भारी भीड़ भी एक सवाल खड़ा कर रही है। आखिर यह किसके इशारे पर पहुंच रहे हैं। क्यों पहुंच रहे हैं। इसे लेकर खुफिया एजेंसियां काम करने में जुटी हैं।
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