न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
शहर में सफाई व्यवस्था का मुद्दा बेहद संवेदनशील होता जा रहा है। गत दिनों नगर विधायक संजीव राजा के नगर निगम में तेवर दिखाने के बाद अब सफाई कर्मचारी भी आरपार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
मंगलवार को उन्होंने जवाहर भवन स्थित अपने संगठन के कार्यालय में इसी संबंध में बैठक की और सफाई कर्मियों के खिलाफ दिए बयान पर कड़ा एतराज जताया।
इससे पहले सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम का विशेष बोर्ड अधिवेशन भी बुलाया जा चुका है। ऐसे में अगर सफाई कर्मचारी इसी मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए हड़ताल पर गए तो इसका खामियाजा पूरे शहर को भुगतना पड़ सकता है।
मंगलवार को नगर निगम सफाई कर्मचारियों की बैठक जवाहर भवन स्थित संगठन के कार्यालय पर हुई। बैठक में अध्यक्ष लालाराम ने शहर विधायक संजीव राजा के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि शहर विधायक ने सोमवार को नगर निगम का औचक निरीक्षण किया। इसमें उन्हें सिर्फ सफाई कर्मचारी की ही कमी दिखायी दी।
उन्हें यह अंदाजा नहीं है कि शहर की आबादी और सीमा कितनी बढ़ी है। मौजूदा समय में आबादी के हिसाब से सफाई कर्मचारियों की संख्या बहुत कम है। अगर सफाई कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं तो फिर तो यह शहर गंदगी के ढेर में बदल जाना चाहिए। शहर विधायक ने नगर निगम में 2000 कर्मचारी होने का बयान दिया है।
वह एक बार सही संख्या पता कर बयान देते तो बेहतर होता। उन्होंने कहा कि शहर विधायक को अब वाल्मीकि समाज सिर्फ सफाई कर्मचारी नजर आ रहा है।
उन्होंने शहर विधायक के इस बयान पर भी ऐतराज जताया जिसमें कहा कि ‘सफाई कर्मचारी नेता तो एसी में बैठते हैं’ संगठन की बैठक में तय हुआ कि भविष्य में यदि कोई जनप्रतिनिधि वाल्मीकि समाज या सफाई कर्मचारी के विरोध में काम करेगा, तो उसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
बैठक में उत्तम उज्जैनवाल, संजय जीवन, विक्रांत त्यागी, सोनू त्यागी, सुनील कुमार, पूर्व अध्यक्ष बबलू कमल, प्रदीप भंडारी, पूर्व महामंत्री राधे धुरी, राजकुमार खन्ना आदि मौजूद रहे।