न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
सिखों के दसवें गुरु श्रीगुरु गोविंद सिंह का 351वां प्रकाशोत्सव रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देहली गेट स्थित प्राचीन गुरुद्वारा से एक भव्य नगर कीर्तन निकाला गया, जो कि शहर के विभिन्न मार्गों से होता हुआ बैकुंठ नगर स्थित गुरुद्वारे पर संपन्न हुआ।
करतब बाजों ने अपने करतब दिखाएं, जिसे देखकर लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। इस दौरान भंगड़ा आकर्षण का केंद्र रहा। इस नगर कीर्तन के दौरान वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह, बोले सो निहाल सत श्री अकाल का जयघोष होता रहा। नगर कीर्तन पंच प्यारों की अगुवाई में निकाला गया।
रविवार को सुबह 10 बजे नगर कीर्तन का शुभारंभ वार्षिक नगर कीर्तन कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह डंग, सचिव पवन भिलवारा, महेंद्र लाल छाबड़ा ने किया। इसके बाद सभी ने सफेदकबूतर उड़ाकर शांति की प्रार्थना गुरु साहब से की। शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, पूर्व महापौर शकुंतला भारती, विवेक सारस्वत, विनय वार्ष्णेय और सीओ प्रथम एवं द्वितीय समेत अन्य भाजपा नेताओं को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।
नगर कीर्तन देहलीगेट से शुरू होकर घुड़ियाबाग, उदय सिंह, जैन रोड, बारहद्वारी, पत्थर बाजार, सेठ मीरीलाल प्याऊ, रेलवे रोड, कंपनी बाग, गांधी पार्क बस अड्डा, दुबे का पड़ाव, मीनाक्षी पुल, सुदामापुरी होते हुए बैकुंठ नगर स्थित गुरुद्वारा पहुंचा। नगर कीर्तन में चल रहे कमेटी के पदाधिकारियों का जगह-जगह स्वागत हुआ। नगर कीर्तन में शामिल लोगों का जलपान और फलाहार भी कराया।
कीर्तन यात्रा में समाज की महिलाएं कीर्तन करती चल रही थीं। एक दर्जन से अधिक स्कूली बच्चे अपने बैंड पर प्रस्तुतियां दे रहे थे। स्कूली बच्चियां डांडिया नृत्य, करती चल रही थीं। ढोल नगाड़ों की धुन पर पंजाब का मशहूर भंगड़ा नृत्य भी प्रस्तुत किया गया। इस दौरान हुई आतिशबाजी तथा हैरतअंगेज कारनामे अन्य लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। नगर कीर्तन में पंजाब का मशहूर बैग पाइपर बैंड, दिल्ली का मास्टर बैंड आकर्र्षण का केंद्र रहे।
नगर कीर्तन में नगर कीर्तन कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह डंग, सचिव पवन भीलवारा, कोषाध्यक्ष, महेंद्र लाल छाबड़ा, दीप सिंह बागड़ी, राजेश सांवरिया, नरेंद्र सिंह, हरदयाल सिंह खालसा, जोगिंदर सिंह, अमर भगवासिया, राजेश किराड़, हरमीत सिंह, संजू सिंह, मनोज भीलवारा, साधु सिंह, इंदरजीत सिंह बिल्ला, गुरदयाल सिंह जुनेजा, संदीप गांधी, बलजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह टुटेजा, गुरदीप सिंह, कमलजीत सिंह, हरपाल सिंह, वीरेंद्र सिंह, मदन लाल जुनेजा अमृत सिंह, गुरमख सिंह, इकबाल सिंह, अजीत सिंह जुनेजा आदि लोग उपस्थित थे।
ऊंट पर बैठकर युवक दे रहा था नगर कीर्तन आने की सूचना
नगर कीर्तन में बच्चे घोड़े एवं ऊंट पर सवार होकर चल रहे थे। जो कि काफी आकर्षण का केंद्र थे। करीब एक दर्जन घोड़ों पर समाज के युवक तथा बच्चे बैठे हुए थे। इसके साथ ही सबसे आगे ऊंट पर बैठा युवक ढोल बजाकर नगर कीर्तन के आने की सूचना देता चल रहा था। इसके पीछे घोड़ों पर सवार युवक और फिर तमाम झांकियां चल रही थीं। चंडीगढ़, आगरा, लुधियाना, शहाजहांपुर से आईं गतका पार्टियों के कलाकार करतब करते चल रहे थे।
हलुआ और रोटी-सब्जी का प्रसाद पाने को मची होड़
- नगर कीर्तन में स्वागत के दौरान होने वाले गंदगी को कार सेवक साफ करते हुए चल रहे थे। इसके पीछे श्रीगुरु गोविंद सिंह की झांकी चल रही थी। झांकी के पीछे चल रहे वाहन में श्रीगुरु साहब का प्रसाद पाने के लिए लोगों में होड़ मची हुई थी। नगर कीर्तन के दौरान एक वाहन में रोटी एवं सब्जी भी बांटी जा रही थी।
जाम के झाम में घंटों तक फंसे लोग
श्री गुरु गोविंद सिंह के 351 वें प्रकाशोत्सव पर रविवार को महानगर में निकले नगर कीर्तन के कारण लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन किया था, बावजूद जाम के झाम से लोगों को जूझना पड़ा। लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे और पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था को कोसते रहे। इस दौरान गांधी पार्क बस अड्डे पर सवारियां बसों का इंतजार करती रहीं। शाम को जब नगर कीर्तन की सभी झांकियां बस अड्डे से गुजर गईं। इसके बाद सासनी गेट से बसों का आगमन शुरू हो सका। इससे पूर्व बस अड्डे पर सवारियां तो काफी थी, लेकिन बसें नदारद थीं।