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ज्यादा शोर हुआ तो डीएम एसएसपी करेंगे कार्रवाई

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला,अलीगढ़।
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शासन की ओर से जारी नए आदेशों के अनुसार अब नये सिरे से तयशुदा मानकों से ज्यादा का शोरगुल नहीं हो पाएगा। धार्मिक स्थल, बारात, मांगलिक कार्यक्रम, जुलूस और सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले कार्यक्रमाें में अब ध्वनि प्रसारण यंत्रों का इस्तेमाल करने की अनुमति लेनी होगी। धार्मिक स्थलों पर जहां पहले से ही ऐसे यंत्र इस्तेमाल हो रहे हैं वहां भी नये सिरे से अनुमति ली जाएगी। अनुमति नहीं ली तो वहां के यंत्र 20 जनवरी तक उतार लिए जाएंगे।

एसएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम 2000 के संशोधित नियम 2 के अंतर्गत अब तयशुदा मानकों से अधिक का शोर करने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई होगी। धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकर और अन्य यंत्रों से हो रहे कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार के लिए भी मानकों के अनुसार नये सिरे से अनुमति लेनी होगी।
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जुलूस, बारात और अन्य कार्यक्रमों के लिए भी तयशुदा मानकों के अनुसार ही ध्वनि प्रसारण की अनुमति मिलेगी। इससे अधिक का शोर करने वालों पर कार्रवाई होगी। धार्मिक स्थलों और नियमित रूप से ध्वनि प्रसारण करने वालों को 10 जनवरी तक एक तयशुदा फार्मेट में अनुमति लेनी होगी।

इन सभी को पांच कार्यदिवस में अनुमति दी जाएगी। अनुमति नहीं लेने वालों के ध्वनि यंत्र 20 जनवरी तक उतार लिए जाएंगे। इस संबंध में जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, अपर सिटी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी भी संबंधित क्षेत्र में कार्रवाई कर सकेंगे।
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गौर हो कि मोतीलाल यादव बनाम स्टेट ऑफ यूपी की याचिका में सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 20 दिसंबर को इस संबंध में आदेश पारित किया है। जिसके बाद प्रदेश सरकार हरकत में आई है। प्रमुख सचिव अरविंद कुमार और उप सचिव विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और एसएसपी को पत्र लिख कर आदेश का अनुपालन करने को कहा है।
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