ताजमहल पर सिर्फ नेतागीरी हो रही: नीरज
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
ताजमहल विवाद पर प्रसिद्ध गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास ‘नीरज’ ने कहा है अब इस पर सिर्फ नेतागीरी हो रही है। ये लोग राजनीति करें पर ताजमहल को इससे अलग ही रहने दें।
ताजमहल चाहे गुलामी की निशानी हो या प्रेम की निशानी, बहुत खूबसूरत है। इसे दुनिया भर के लोग देखने आते हैं। यह तो भारत की शान है।
उन्होंने कहा कि संसद भवन और राष्ट्रपति भवन भी गुलामी की निशानी हैं, क्या इनको भी गिरा दिया जाए? नीरज ने कहा कि कुछ नेता केवल सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे बेतुके बयान दे देते हैं जिसकी कोई जरूरत ही नहीं होती।
ताजमहल के अंदर शिव चालीसा पढ़ने पर उन्होंने कहा कि अगर मेरे घर पर आकर कोई कुरआन पढ़ ले तो मैं मुसलमान तो नहीं हो जाऊंगा। कोई कहां पर क्या पढ़ रहा है, इससे क्या फर्क पड़ता है। यह सिर्फ सुर्खियां बटोरने की कवायद है।
कहा कि उन्होंने फिल्म प्रेम पुजारी के लिए गीत लिखा था, जिसमें ताजमहल का जिक्र किया है। ताज किन हालात में बना और किसने बनवाया अब इन बातों से परे उसकी विश्व भर में ख्याति और ऐतिहासिक महत्व को देखना होगा।