दवा की दुकानों पर छापामारी, भारी गड़बड़ियां मिलीं
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
मंडलीय औषधि विभाग ने गुरुवार को शहर में रिटेल और थोक दवा की दुकानों पर छापा मारा। कई ठिकानों पर नशे के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं की बिक्री होना पाया गया। कुछ दुकानों पर दवा किसको बेची गई, इसका रिकार्ड नहीं मिला।
20 से अधिक दुकानों से दवा के सैंपल लिए गए हैं। दूसरी ओर इस छापेमारी से रिटेल और थोक दवा विक्रेताओं में आक्रोश है। उन्होंने दीपावली से पहले इस तरह की छापामारी पर विरोध जताया है।
मंडलीय सहायक आयुक्त औषधि राकेश राजपूत के नेतृत्व में मंडल के चारों जिलों के औषधि निरीक्षकों को साथ लेकर छापामार कार्रवाई की गई। टीम के सदस्य रहे हाथरस के औषधि निरीक्षक पूरनचंद ने बताया कि सबसे पहले मैरिस रोड पर एक्स मेडिकल स्टोर पर छापा मारा गया। यहां 30 हजार रुपये के बिलों का विवरण नहीं मिला।
इसके बाद इंपैक्ट मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। यहां नशे के लिए प्रयुक्त होने वाली दवाएं मिलीं। इनका न तो बिल मिला और किस डाक्टर के प्रैसक्रिप्शन पर यह बेची गई, इसका भी विवरण नहीं मिला। यहां से तीन दवाओं के नमूने भरे गए।
इसके बाद टीम थोक मार्केट फफाला स्ट्रीट पहुंची। गफ्फार मेडिकल से दो, राजा मेडिकल एजेंसी से तीन और गुडलक फार्मा से चार दवाओं के सैंपल भरे गए। इन दवा विक्रेताओं को सात दिन का समय दिया गया है कि वह अपने सभी प्रपत्र प्रस्तुत कर दें।
दूसरी ओर दीपावली से ठीक पहले इस तरह की कार्रवाई से थोक और रिटेल दवा विक्रेताओं का गुस्सा भड़क गया है। उन्होंने इस कार्रवाई की एक स्वर से निंदा की है। टीम में औषधि निरीक्षक कासगंज राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक एटा आशुतोष चौबे और औषधि निरीक्षक अलीगढ़ हेमंत चौधरी शामिल थे। इधर, केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू ने कहा है कि टीम ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में छापेमारी की है। सब कुछ ठीकठाक रहा है।
सभी रिटेल और थोक दवा विक्रेताओं में छापामार कार्रवाई से आक्रोश है। दीपावली से पहले ही यह छापामार कार्रवाई संदेह के घेरे में आती है। रिटेलर तो फिर भी लाइसेंस से दवा बेचता है, लेकिन परचून और कास्मेटिक्स की दुकानों पर बिक रही दवाओं आदि की कोई जांच नहीं होती है। - उमेश श्रीवास्तव, महामंत्री, रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन
कहां गए फोर्टविन इंजेक्शन के कार्टून
फफाला मार्केट में छापेमारी के दौरान नारकोटिक्स की श्रेणी में आने वाली दवा फोर्टविन इंजेक्शन के कार्टूनों का जखीरा बरामद हुआ। लेकिन अपनी ब्रीफिंग में औषधि विभाग ने इस बात का जिक्र नहीं किया। फोर्टविन इंजेक्शन आपरेशन थिएटर में दवा के साथ मिलाकर बेहोश करने के काम में आता है। इसका नशे के लिए शहर में जमकर इस्तेमाल हो रहा है। कुछ फुटकर दवा विक्रेताओं की दुकानों पर यह धड़ल्ले से बिक रहा है। जबकि इसको बेचने के लिए अलग से लाइसेंस लेना पड़ता है।
अमर उजाला ने छापी थी खबर
अमर उजाला ने गुरुवार के अंक में ही शहर में नशे के कारोबार और उसके ठिकानों के संबंध में एक खबर का प्रकाशन किया है। जिसके बाद नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली है।