चार साल बाद गर्भवती होकर लौटी अगवा किशोरी
ब्यूरो, अमर उजाला, अलीगढ़।
महानगर के क्वार्सी इलाके के देवी नगला से चार साल पहले अगवा की गई किशोरी दो दिन पहले अचानक 4 माह की गर्भवती होकर अपने घर लौट आई। जब उसने खुद के उत्पीड़न की दास्तां सुनाई तो परिजन उसे पुलिस के पास ले गए और पुलिस ने किशोरी की कहानी सुन तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। अब कोर्ट में उसके बयान भी दर्ज कराए जाएंगे।
वाकया मई 2013 का है, जब मजदूर परिवार की 13 वर्षीय किशोरी घर से कोई सामान लेने मोहल्ले में दुकान पर आई थी। तभी इलाके के कुलदीप व उनकी पत्नी कविता उसे अगवा कर ले गए।
अपने घर में ले जाकर उसे बेहोश किया और बाद में कार में डालकर हाथरस ले गए। जहां किसी अमर सिंह की मदद से उसे अगले दिन मथुरा ले जाया गया और वहां मथुरा के लाइन पार क्षेत्र में गांव सिहोरा निवासी रामवीर को 35 हजार रुपये में बेच दिया गया।
जहां उसे जबरन बंधक बनाकर रखा गया। उसके साथ हर दिन दुष्कर्म होता था और विरोध पर मारपीट की जाती थी। उसकी हर समय भागने के डर से चौकीदारी भी रहती थी। इस दौरान उससे ईंट भट्ठे पर मजदूरी भी कराई गई।
वाकया तीन दिन पुराना है। जिस घर में किशोरी रहती थी। उस घर के लोग गांव में ही किसी देवी जागरण में गए थे। उन्हें अब चार साल बाद उसके भागने का अंदेशा न था। बस इसी दौरान मौका पाकर वह घर से 150 रुपये और रामवीर का मोबाइल लेकर चंपत हो गई।
वहां से बस में बैठकर सीधे अलीगढ़ आई और फिर अपने घर भी पहुंच गई। जहां उसने मां-बाप को पूरा वाकया बताया तो परिजन उसे ज्वालापुरी चौकी ले गए। इसी बीच किशोरी के पास मौजूद रामवीर के मोबाइल पर रामवीर आदि के फोन भी आने लगे। इस पर पुलिस ने उसे समझाकर कहा कि वह रामवीर को यह कहकर अलीगढ़ बुला ले कि वह किसी तरह गलती से रास्ता भटककर यहां आ गई है।
इस पर बुधवार सुबह रामवीर अपने साथ अपने भाई नौबत व हाथरस निवासी अमर सिंह को लेकर कार में किशोरी के बुलावे पर गांधीपार्क बस स्टैंड आ गया। जहां पुलिस ने तीनों को दबोच लिया। ज्वालापुरी पुलिस के अनुसार अभी कोर्ट में बयान दर्ज होंगे। मेडिकल में उसे 4 माह का गर्भवती बनाया गया है। कोर्ट के निर्देश पर आगे कार्रवाई होगी।